क्षत्रिय पोवार(पंवार) राजवंश : आमरो गौरवशाली इतिहास
अग्निवंशीय पोवार(पँवार) क्षत्रिय समाज के इतिहास, संस्कृति और पोवारी बोली के साहित्य के प्रकाशन हेतु यह ब्लॉग बनाया गया है। पोवारी संस्कृति का संरक्षण और संवर्धन इसका मुख्य उद्देश्य है। जय माँ गढ़कालिका जय पोवार(पँवार), जय पोवारी
Friday, October 9, 2020
क्षत्रिय पोवार(पंवार) राजवंश : आमरो गौरवशाली इतिहास
Monday, August 31, 2020
"भोज-पत्र"
"भोज-पत्र"
क्षत्रिय पंवार/पोवार समाज की सर्वोच्च संस्था, "अखिल भारतीय पंवार क्षत्रिय महासभा" के ७५ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में अमृत-जयंती के शुभ अवसर पर एक स्मरण ग्रंथ, "भोज-पत्र" सन १९८६ में प्रकाशित किया गया था। संपादक मंडल के द्वारा जारी इस पत्र के उद्देश्य की मूल प्रति सलंग्न है –
यह पत्र क्षत्रिय पंवार/पोवार वंश का ऐतिहासिक दस्तावेज है जिसमें इस वंश के अतीत से लेकर बीसवीं सदी के समाजोत्थान कार्यक्रम और संगठनों का इतिहास दिया गया है।
तथ्य संकलन : ऋषि बिसेन, नागपुर
द्वारा : पोवारी इतिहास, साहित्य, संस्कृति एवं उत्कर्ष परिषद
कृष्ण अना गोपी
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