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Monday, November 2, 2020

श्री रवी रहांगडाले

                !! रवी रहांगडाले !!
       संघर्षमय जिवन की प्रेरक कहाणी

       किसी के जिवन मे कितने चढाव उतार आते है, और उन परिस्थितीयो से लढकर जो खुद को साबित करता है तब उसके सफलता की कहानी लिखी जाती है। आज ऐसे हि हमारे समाज के प्रतिभावान एंव मृदुभाषी रवि रहांगडाले के जिवन के संघर्षो की कहानी मै इस लेख द्वारा लिखने का प्रयास कर रहा हूं। यह लेख प्रेरणा है उन प्रतिभावान विद्यार्थीयो के लिए जो आज अपने भविष्य के लिए अथक परिश्रम कर रहे है।

        दि. २८. ०६. १९८५ को ग्राम गोंगले तह सडक अर्जुनी जिला गोंदिया मे एक सामान्य गरिब परिवार मे जन्मे रवी रहांगडाले इनका बचपन ही संघर्षो से भरा रहा। बेटे के भविष्य को लेकर मां चिंतित होने की वजह से रवी को उनकी मां ने मामाजी के यहां शिक्षा के लिये भेजा। रवी की प्राथमिक एंव माध्यमिक शिक्षा मामाजी के गांव आसोली तह+जिला गोंदिया जिल्हा परिषद स्कुल से मराठी माध्यम मे हूयी। आर्थिक परिस्थिती उतनी सक्षम नही रहने की वजह से उन सारी सुविधाओ से रवी वंचित रहे। फिर भी उन्होने १२वी कक्षा मे स्कुल मे प्रथम स्थान अर्जित किया। इस उपलब्धी के लिए उनको भुतपुर्व केंद्रिय मंत्री श्री प्रफुल पटेल द्वारा पुरस्कृत किया गया था।

         पायाभुत शिक्षा के बाद मे उन्होने २००३ मे फुलचुच (गोंदिया) से ITI मे COPA का कोर्स पुर्ण किया। COPA कि पढायी पुर्ण होने के बाद उन्होने २००४ से NMD कॉलेज गोंदिया से इंग्लिश लिट्रेचर मे ग्रॅज्युएशन पुर्ण किया। गोंदिया मे पढायी उन्होने आत्मनिर्भर होकर की है। BA कि पढायी करते करते वह प्रात: और संध्या को बैकुंठ इंस्टिट्युट एंव गोकुल इंस्टिट्युट मे MS- CIT पढाने का काम भी करते थे। इस बिच उन्हे पढाने के लिए १००० रुपये प्रतिमाह तनख्या मिलती थी जिसमे वह अपनी पढायी और रुम का किराया भोजन एंव मुलभुत चिजे करते थे। तिन वर्षो मे उन्होने अथक संघर्ष के साथ ग्रॅज्युएशन पुर्ण किया।

        ग्रॅज्युएशन पुर्ण होने के बाद २००८ मे वह नौकरी की तलाश मे मुंबई गये, और लगभग २० दिन वह नौकरी खोजते रहे, इस बिच उन्हे भुक, प्यास और रहने की सारी समस्याओ का सामना करना पडा। जब वह मुंबई गये तब ना कोई सहारा ना कोई रहने का ठिकाना था फिर भी उन्होने हार नही मानी और वह नौकरी खोजते रहे। २० दिन का अतिसंघर्षमय समय व्यतित करने के बाद उन्हे मुंबई मे ही DSM shooting india limited मे सेल्स ऑफिसर के पद पर ४००० रुपये मासिक तनख्वा की नौकरी मीली जिससे उनका मुंबई मे स्थाईत्व की उम्मिद बढी।

        २००९ मे उन्होने KK birla group मुंबई, ज्वाईन किया और वह वहां SAP consultant के पद पर कार्य करने लगे। रवी अब स्थयी हो चुके थे, इसलिए उन्होने MBA की पढायी करने की तैयारी की। उन्होने २००९ - २०११ इस काल मे उन्होने Marketing & finance मे MBA पुर्ण किया।

       MBA पश्च्यात उन्होने २०११ से  accenture सर्विसेस प्रायव्हेट लिमिटेड मुंबई मे SAP consultant पद पर कार्य प्रारंभ किया। २०१४ मे एटॉस इंडिया लिमेटेड पुणे मे SAP consultant पद पर कार्यभार सम्हाला। २०१७ मे उन्होने IBM INDIA LTD मे SAP consultant, team leader के पद पर कार्य किया। २०१९ से जुन २०२० तक cognizant technology solution ltd. मे  SAP CONSULTANT TEAM LEADER के तौर पर कार्य किया। जुन २०२० मे उन्होने विप्रो लिमिटेड पुणे मे प्रोजेक्ट मॅनेजर की तौर पर कार्य प्रारंभ किया और वर्तमान मे वह Apple प्रोजेक्ट का प्रबंधन कर रहे है।

         बहूत सारे संघर्षो से लढकर आज रवीजी जिस मुकाम पर खडे है वह हम जैसे युवाओ के लिए प्रेरणा है। वही उन्होका समाज के प्रती लगाव दिखाता है की वह कितने सामाजिक भी है... रवीजी २०१० मे मुंबई पोवार समाज संघ से जुडे बाद मे पुणे आने के बाद २०१४ मे पुणे पोवार समाज संघ से जुडे। बाद मे उनका समाज प्रेम देखते हूये उन्हे युवा पुणे पोवार समाज संघ का अध्यक्ष बनाया गया। उन्होने पुणे मे रहकर समाज उपयोगी करियर गायडंस प्रोग्राम, मिलन समारोह, एंव वार्षिक स्नेहसम्मेलन मे अपना अद्भुत योगदान दिया है। आज वह एक सफल व्यक्ती है एंव उनके स्वभाव मे थोडासा भी अहंकार दिखायी नही पडता। सादगी एंव सरलता से जिवण व्यापन करने वाले श्री रवी रहांगडाले समाज के सामने एक आदर्श उदाहरन है। हम उनके स्वास्थ्य, सफल जिवन एंव उत्कृष्ठ जिवण की कामणा करते है। इन्ही शुभकामनाओ के साथ आप आसमान की बुलंदिये को छुये यही हमारे और से बधाईयां...!!

                 ✍🏻 नितेश एल. भगत
           

Monday, October 26, 2020

श्री हेमेंद्र शरनागत

        संघर्षमय जीवन हर किसी का होता है, लेकिन जो इसे पार पाता है उसकी एक प्रेरक कहानी बन जाती है। श्री हेमेंद्र शरनागत का जीवन परिचय हमें सिख देता है संघर्षयम जिवन से लढने की। आज का यह लेख उनके जीवन पर आधारित है। 

         दि. १९८४ मे ग्राम सिताकोह, तह. कटंगी, जिला बालाघाट मे श्री. बालारामजी शरनागत एंव माता शकुंतला शरनागत के घर तृतिय पुत्र के रुप मे हेमेंद्रजी का जन्म हूआ। हेमेंद्रजी एवं उनके ४ भाई बहन है। हेमेंद्रजी उनमे तृतिय है। उनकी प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा ग्राम डोंगरी से शासकीय स्कुल में ही हुयी है। १०वी कक्षा के बाद उन्होंने स्वामी विवेकानंद पॉलीटेक्निक सितासावंगी मे दाखिला लिया, बडा परिवार एवं पिता की निम्न आय के चलते हेमेंद्रजी घर की आर्थिक परिस्थितीयों को समझते थे। उन्होने अपनी पॉलिटेक्निक की पुर्ण शिक्षा प्रतिदिन २० किलोमिटर सायकल से चलकर पुर्ण की।

          परिवार की आर्थिक परिस्थिती को देखते हूये उन्होने निश्चय किया की आगे की पढ़ाई, नौकरी एवं स्वखर्च के साथ ही करना है। इसलिए उन्होंने वर्ष २००५ मे ONIX enterprise पुणे मे CNC ऑपरेटर के रुप मे नौकरी चालू की। उस समय श्री. हेमेंद्रजी को कुल २५०० रुपये मासिक तनख्वा मिलती थी। इतनी निम्न राशी मे भी उन्होनें हार नही मानी और वह काम करते रहे। बाद मे उन्होने CAD curses की पढ़ाई और नौकरी साथ साथ की। इस बिच वह रात मे नौकरी एवं दिन मे पढ़ाई करते थे। कुछ माह काम करने के बाद उन्होने तिर्थ इंजिनियरिंग पुणे मे डिजायनिंग का कार्य चालू किया। उस समय उनको कुल ३००० रुपये तनख्वा मिलती थी।

         २००६ मे उन्होने कॉनकर्ड इंजिनियरिंग मे डिजाईन इंजिनियर के तौर पर कार्य किया। इसी समय के बिच उन्होने MIT पुणे से मॅकेनिकल इंजिनियरिंग की पढ़ाई प्रारंभ की। इसी बिच उन्होने जॉब बदला एवं "honeywell engineering" से जुड़ गये। बाद मे honeywell से उनको नॉर्वे मे काम करने का अवसर प्राप्त हूया। इस बिच वह MIT PUNE से मेकॅनिकल की पढ़ाई प्रथम वर्ष तक ही कर पाये और नॉर्वे चले गये।

        उन्होने वर्ष २००७ के जुन माह से honeywell engineering नॉर्वे मे प्रोजेक्ट इंजिनियर काम किया। ३ वर्ष के इस प्रोजेक्ट मे आपने प्रोजेक्ट खत्म होते तक कार्य किया। उन्होने वर्ष २०१४ मे CBD बेलापुर नवी मुंबई से इंडस्ट्रियल इंजिनियरिंग मे डिग्री प्राप्त कर फिर से नॉर्वे मे oil & gas क्षेत्र मे सिनियर प्रोजेक्ट इंजिनियर(design department) कार्य प्रारंभ किया। वह वर्तमान मे इसी पद पर कार्य कर रहे है। वही बाह्य व्यवसाय के तौर पर वह "प्रोजेक्ट इंजिनियर सर्विस प्रोव्हाइडर" का कार्य भी कर रहे है। श्री. हेमेंद्रजी नॉर्वे मे सफल उद्योजक एवं कार्यक्षेत्र मे प्रतिष्ठित पद पर विराजमान है। श्री. हेमेंद्रजी का विवाह २०१० मे सौ. ललिता चौधरीजी से हूआ। वे वर्तमान में सहपरिवार नॉर्वे मे रहते है। 

        श्री हेमेंद्रजी गांव मे जन्में एवं गांवों में किशोरावस्था तक समय बिताया इसलिए उन्हें जन्मभुमी सिताकोह एंव कर्मभुमी डोंगरी बु.(माईन्स) बहूत प्रिय है। उनका गांव के प्रती लगाव इतना है उन्हें लगता है की उनके गांव से भी प्रतिभावान युवा आगे बढ़े इसलिए वह प्रतिवर्ष १५ अगस्त को प्रतिभावान विद्यार्थियो को बक्षिस राशी के रुप मे उनको उत्साहित करते है। वही उन्होने गांव के स्कुल के जिर्णोद्धार के लिए राशीयां प्रदान कर चुके है। वही उनका पोवार समाज के प्रती बहूत ज्यादा लगाव है; वह नॉर्वे स्थित अपने निवास मे चक्रवर्ती राजा भोज की प्रतिमा लगाते है एवं उनके आदर्शो पर चलने का प्रयास भी करते है। उनका बचपन गांवों मे ही बितने से उन्हे खेतीबाडी से बहुत प्रेम है। वह छुट्टियों मे गांव आते है तो खेतीबाडी के काम मे पुर्ण सहयोग करते है, एवं उनको सारे खेतिबाडी के काम आते है इसलिए बेझिजक खेती के काम जैसे पेंडी फेकना, धान के बोझे बांधना और ढोना, पैरा के बेठ मारने मे मदत करना आदी कार्य वह अक्सर खेतों मे करते है। हेमेंद्रजी सरल एवं सादगी से जिवन यापन करते आये है, उनके शब्दों मे नम्रता चेहरे पर हमेशा स्मित हास्य झलकता है। वह समाज ही नहीं तो भारतीय संस्कृती के लिए नॉर्वे में कार्यरत है। वह नॉर्वे में "महाराष्ट्र मंडल" एवं "इंडियन कम्युनिटी" मे सक्रियता से अपना योगदान निरंतर देते आये है। उनके जैसा रत्न हमारे समाज मे होना हमारे लिए गर्व की बात है।

                     ✍🏻 - सोनु भगत 
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Sunday, May 31, 2020

सांसद केशोराव पारधी

        स्व. श्री केशोराव पारधी आपका जन्म २१ अगस्त १९२९ को तुमसर शहर मे सामान्य कृषक परिवार मे हूआ। आपकी शिक्षा तुमसर मे ४थी कक्षा तक हूयी। आपके माता पिता की आर्थिक स्थिती कमजोर होने से आप आगे की पढ़ाई नही कर पाये। आपने खेती के कामों मे माता पिता को बचपन मे मदत किया करते थे। बाद मे आपने तुमसर के बडे व्यापारी श्री. दुर्गादास श्राफ के यहां नौकरी चालू की। आपकी ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा देख आप दुर्गादासजी के विश्वासु बन गये। दुर्गादासजी आपको अपने बेटे जैसा मानते थे। आपकी ईमानदारी एवं कर्तव्यनिष्ठा देख कर आपको वर्ष १९५९ मे दुर्गादासजी ने नगरपरिषद तुमसर का पार्षद का चुनाव लढ़वाया। आपको उस चुनाव मे भारी मतों से सफलता प्राप्त हूयी। पांच वर्ष का कार्यकाल खत्म होने के बाद १९६४ मे फिर से नगरपरिषद तुमसर का चुनाव आप भारी मतों से जिते एवं आप पहली बार नगरपरिषद तुमसर के नगराध्यक्ष बने। आप १९६४ से १९७२ तक नगराध्यक्ष पद पर रहे। इस कार्यकाल मे आपने वैनगंगा पेयजल योजना से तुमसर को समृद्ध किया। इस बिच आपने शिक्षा क्षेत्र मे उल्लेखनीय कार्य किये एवं सड़के, एवं विकासकार्य को गती दी।

             आप अल्पायु से ही भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस से संबधीत रहे थे। आपको वर्ष १९६७ मे भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस से महाराष्ट्र विधानसभा तुमसर विधानसभा से उतारा गया एवं आपने इस चुनाव मे भारी मतों से जीतकर विपक्ष की जमानत जप्त कर दी थी। आप १९७२ मे फिर से तुमसर विधानसभा से भारी मतों से विजयी हूये। १९६७ से १९७७ तक आप महाराष्ट्र विधानसभा के सदस्य रहे इस बीच आपने महत्वकांक्षी "बावनथडी सिंचाई योजना" को स्विकृती दिलाकर एक लाख एकड़ सिंचाइ वाले इस योजना से हरितक्रांती लायी। वही आपने इस काल मे अनेक कार्य विकासकार्य किये जिसका वर्णन बहूत लंबा है।

        १९७७-७८ मे जनता पार्टी के शासनकाल मे प्रियदर्शनी इंदिरा गांधी को गिरफ्तार किया गया। उस समय देश मे अशांती की लहर फैल गयी थी। गिरफ्तारी के विरुद्ध हूये जनांदोलन का नगर नेतृत्व कर आपने स्वत: को गिरफ्तार करवा लिया था। आपकी पार्टी के प्रती निष्ठा देख आपको वर्ष १९८० के लोकसभा चुनाव मे भंडारा लोकसभा सिट से भारतीय राष्ट्रिय कांग्रेस ने उमेदवारी दी एवं आप भारी मतो से चुनकर संसद पहूंचे। आप महाराष्ट्र पोवार समाज से पहले व्यक्ती थे जो संसद पहूंचे थे।

            आप सांसद बनते ही छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस, को तुमसर, तिरोडा, आमगाव मे स्टॉपेज् दिलवाया। वही आपने वरठी (भंडारा) ओव्हरब्रिज बनवाकर यातायात सुलभ बनाया। आपका रेल्वे क्षेत्र मे उल्लेखनीय कार्य गोंदिया जबलपुर रेलमार्ग को बडी़ लाईन मे तब्दील करना रहा। आपके कार्यकाल मे यह कार्य बालाघाट तक ही हो सका। आपने इस कार्यकाल मे चिखला मे तांत्रिक महाविद्यालय तथा भंडारा मे टेक्निकल स्कूल की स्थापना करायी। गोंदिया का दुरदर्शन केंद्र एंवम इंजिनियरिंग कॉलेज आपके प्रयासो की ही देन है।

              आप वर्ष १९८४ मे पुन: भंडारा लोकसभा से चुनाव जीतकर संसद पहूंचे एवं आपने इस कार्यकाल मे शिक्षा के साथ बेरोजगारी दुर करने हेतू सदैव प्रयत्नशिल रहे है। क्षेत्र मे कृषी उद्योग जल के अभाव मे लोगों को आर्थिक राहत नही दे पाता था। शिक्षित बेरोजगारो की बढती संख्या देख आपने उद्योगो को अपने क्षेत्र लाने के लिए भरपुर प्रयास किये। आपके प्रयासो से युनिव्हर्सल फेरो अलाईज् खंबाटा तुमसर, सनफ्लॅग, ऐलोरा पेपर मिल, वैनगंगा सहकारी शक्कर मिल जैसे बडें उद्योग क्षेत्र मे ले आये। 

          आपने शिक्षा क्षेत्र पर भी विशेष ध्यान दिया है, आप सुदामा एज्युकेशन सोसाइटी तुमसर अध्यक्ष थे। एंव सहकार क्षेत्र मे भी आप BDCC बँक के अध्यक्ष रहे है। धार्मिक क्षेत्र मे आप हनुमान मंदिर ट्रस्ट चांदपुर के १९७० से फाउंडर ट्रस्टी रहे।

           श्री केशोरावजी पारधी आप मृदुभाषी एंवम मिलनसार व्यक्ती थे। आपसे परिचित लोग बताते है जो आपके पास रोता हूआ आता था वह हंसता हूआ वापिस जाता था। आप जिले समस्या सुलझाने मे हमेशा अग्रस्थान पर रहते थे। आपका नम्र व्यक्तित्व तथा निष्ठा ने आपको जनता के हृदयो पर राज करते थे। आप वर्ष १९५९ से १९८९ तक निरंतर ३० वर्षो तक राजनिती मे सफलता प्राप्त करते रहे। आप १ बार नगरपरिषद तुमसर के सदस्य, २ बार नगराध्यक्ष, २ बार विधायक, एंव २ बार सांसद रहे है। आप वर्ष १९८९ मे जिवन का पहला चुनाव श्री खुशालचंद्रजी बोपचे से अल्प मतो से हार गये। उसके बाद आपको भारतिय राष्ट्रिय कांग्रेस ने विधानपरिषद की उमेद्वारी दी लेकिन वहां भी आपको सफलता प्राप्त नही हो सकी। इसके बाद आप सामाजिक संस्थाओ से जुड कर एंव व्यक्तिगत रुप से समाजसेवा मे लग गये। दि. २९/०७/२०१८ को हृदयघात से आपका ८९ की उम्र मे स्वर्गवास हूआ। आप वैनगंगा नदी को प्रानदाईनी मां मानते थे इसलिए आपकी अंतिम इच्छा के अनुसार आपका अंतिम संस्कार मां वैनगंगा के किनारे माडगी मे किया गया। आपका अपनी भुमी से प्रेम ने आपको हमेशा के लिए क्षेत्र के इतिहास मे अमर कर दिया।
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                        - सोनू भगत
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Sunday, May 10, 2020

डॉ. शिल्पक अंबुले, पोवार समाज मे प्रथम IFS Officer

डॉ. शिल्पक अंबूले आपका पैतृक गांव चुल्हाड तह. तुमसर जिला भंडारा है। आपका जन्म १३/०७/१९७७ मे पुणे मे हूआ। आपके पिताजी स्व. श्री नामदेवजी अंबूले अभियंता होने की वजह से नौकरी के चलते पुणे मे ही आपकी शिक्षा एंव बचपन गया। 
           आपकी प्राथमिक शिक्षा अभिनव विद्यालय पुणे तथा माध्यमिक शिक्षा फरग्युशन कॉलेज पुणे से हूयी। आपने B. J. Medical collage से MBBS की शिक्षा ली। आपने MBBS के पहले वर्ष की परिक्षा मे विश्वविद्यालय मे तिसरा क्रमांक अर्जित किया। MBBS द्वितिय वर्ष मे आप विश्वविद्यालय से द्वितिय क्रमांक अर्जित किया। फॉर्म्याकॉलॉजी एंव मायक्रोबॉयोलॉजी मे आप कॉलेज मे प्रथम थे। आप तिसरे वर्ष MBBS की परिक्षा मे प्रथम थे। आप नॅशनल टॅलेंट सर्च परिक्षा मे आप संपुर्ण महाराष्ट्र से १०वे थे। वही आप १२वी के विज्ञान परिक्षा मे संपुर्ण महाराष्ट्र मे ८वे क्रमांक तथा विज्ञान शाखा मे ४थे क्रमांक पर थे।
            आंतरमहाविद्यालय राज्यस्तर पर एड्स क्विज स्पर्धा मे आप वर्ष १९९९ मे महाराष्ट्र से आप द्वितिय विजेता थे। आपने MBBS की शिक्षा ग्रहण करने के बाद आपने MD के लिए प्रवेश लिया।
               इसी दौरान आपको UPSC की परिक्षा देने की रुची पैदा हूयी। आपने UPSC की परिक्षा की तैयारी के लिए कोई कोचिंग इंस्टिट्युट मे दाखिला नही लिया। आपने UPSC की पुर्ण तैयारी घर से ही की। वर्ष २००२ की UPSC की परिक्षा मे आपने पहली ही कोशिष मे यश संपादित कर महाराष्ट्र से पहले रँक तथा भारत मे २३वी रँक रही है। आपका चयन IFS (indian foreign service) मे हूआ। वर्तमान मे आप विदेशमंत्री श्री एस. जयशंकर के सचिव है।
            आप माता पिता के एकलौते पुत्र होने से आपके यश संपादन से माता पिता का सपना पुरा हो गया। आपके पिता इंजिनिअर तथा माता डॉक्टर थे। आपके उत्कृष्ठ यश संपादन से पुणे तथा महाराष्ट्र के अखबारो मे वर्ष २००२ मे आपने अनेक इंटरव्ह्यु दिये है। आप पोवार समाज के ही नही तो अपितू महाराष्ट्र के गौरव है। आपका अनेक जगह पर सत्कार भी हूआ लेकिन आपके जिवन का सबसे अनमोल सत्कार आपके पैतृक गाव चुल्हाड मे सरपंच द्वारा हूआ। इससे आपकी सादगी एंव उदारता झलकती है। आप हमारे समाज के युवाओ के लिए प्रेरणा है, अवश्य ही आपका उत्कृष्ठ यश संपादन समाज के लिए गौरव स्वरुप है।

- माहिती सहयोग- श्री सुरेंद्रजी पारधी, श्री ऋषीजी बिसेन 
                           - सोनू भगत 
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डॉ. निलाक्षी पटेल


डॉक्टर नीलाक्षी पटेल, सुपुत्री डॉक्टर नरेंद्र हरिनखेडे बालाघाट, की शिक्षा दीक्षा लोधीखेड़ा तथा मुलताई के साधारण से सरकारी विद्यालय से हुई तथा इसके पश्चात इन्होंने एमबीबीएस गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज जबलपुर से सन 1998 में किया|
आप समाज की ऐसी डॉक्टर है जिन्होंने भारत से एमबीबीएस की शिक्षा प्राप्त की। श्री अतुल पटेल से शादी के पश्चात भारत से अमेरिका जाकर आप समाज की United States Medical Licensing Examination (USMLE, जो कि हर भारतीय डॉक्टर का सपना होता है) की परीक्षा क्लियर करने वाली पहिली महिला स्टूडेंट बनी। उसके बाद आपने (Univesity of Massachusetts) USA से एम डी मेडिसिन की डिग्री प्राप्त की व सुपर स्पेशलाइजेशन Rhematology में किया। आप वर्तमान में Stanford Health Care, Campbell, California में Rheumatologist हैं। 

आपका अपने समाज से जुड़ाव हमेशा ही रहा। आप जब भी संभव हो परिवार व समाज के कार्यक्रमों में सपरिवार भाग लेती है। आप समाज के साथ साथ समूची मानव जाति के विकास के लिए उत्सुक रहती है। वहां से भी सभी के स्वास्थ्य एवम् जीवन की चिंता एवम् यथासंभव मार्गदर्शन करती रहती है।
भारत आने पर परिवार के साथ तो रहते ही है परन्तु कुछ दिन निकाल कर सभी से मिलने का प्रयास भी करते है। कितने ही रिश्तेदार उस दौरान उनके skills से लाभान्वित होते है। घर से, अपने देश से इतनी दूर रहकर भी उन्होंने अपनी जड़ों को मजबूत रखा है और वही अपने बच्चों में डालने के अविरत प्रयास करती है। 
आपने अपनी उपलब्धियों से सभी महिलाओं और नई पीढ़ी की लड़कियों के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

Sumit Patle IOFS
Ministry Of Defence

माननिय निधी बारगे

माननीय, सुश्री निधी बारंगे उपभोक्ता फोरम जज मेंबर छिंदवाडा मप्र. Bsc, MA, PGDCA, B.Ed, M. Ed, LLB

संसद में पारित उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की सारांश उपभोक्ताओं को जानकारी उपलब्ध कराई गई तब जिला उपभोक्ता फोरम के सदस्य के रूप में विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में आपके द्वारा सेमिनार आयोजित कराए गये। अपनी उपस्थिति में छात्र छात्राओं को आपने उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में मार्गदर्शन दिया है तथा उपभोक्ता संरक्षण के नियमों एवं अधिनियम से  आपने परिचित कराने हेतु समय-समय पर आपने विशेष प्रयास किए है।

आपको वैनगंगा पवार समाज भोपाल के वार्षिक कार्यक्रम मे स्वंय के उपलब्धि एवं सामाजिक कार्य हेतु कलेक्टर श्रीमती *श्वेता पवार* द्वारा सम्मानित किया गया है। महिला सशक्तिकरण ADR भवन छिंदवाड़ा कार्यक्रम मे आप विशेष अतिथि  माननीय D. J. बोरसी के साथ मार्गदर्शन दे चुके है तथा महिला सन्मान समारोह मे आप मुख्य अतिथी थे। छिंदवाड़ा राजमाता सिंधिया महाविद्यालय मे आयोजित उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रम मे आप विशेष अतिथि के रुप मे सम्मानित किए गये थे। इंदौर मे आयोजित सांस्कतिक कार्यक्रम मे विशिष्ट अतिथि श्री राजा बुंदेला एवं माननीय गोविन्द मालू जी द्वारा आपको सामाजिक उत्कृष्ट कार्य हेतु आपको सन्मानित किया गया है। तथा NBMF Century Celebration Trophy मे माननीय S. P. गौरव तिवारी द्वारा आपको सम्मानित किया गया है। आपके जिवन की विषेश उपलब्धी यह रही की आपने LLB मे सभी विषयो मे टॉप किया है।

आप हमारे ग्रुप के सक्रिय सदस्य है, हम आशा करते है समाज के विषय पर तथा हमारी मातृभाषा के संवर्धन हेतू आप योगदान देंगे एंव ग्रुप का उद्देश्य सफल बनाऐंगे।  

- सोनू भगत 
पोवारी इतिहास 
साहित्य अना उत्कर्ष

डॉ. नरेंद्र हरिनखेडे

डॉ नरेंद्र हरिनखेड़े, समाज के जानेमाने वरिष्ठगण है। आपने अपनी योग्यता एवं कर्मठता से सभी लोगो के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। 

 उनकी माध्यमिक शिक्षा जे. एम. हायस्कुल रेलटोली गोंदिया से हूई। १९६४ से १९६९ में नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर से MBBS की डिग्री हासिल की। उसके बाद आपकी असिस्टेंट सर्जन के पद से आपने सरकारी नौकरी की शुरुवात की। 
आपने विषम परिस्थितियों में भी मेडिकल की उच्च शिक्षा प्राप्त कर अपने परिवार का नाम आगे बढ़ाया है। 
आपने वर्ष १९७५ में रायपुर मेडिकल कॉलेज से MD, Medicine की। आप मेडिकल में पोस्ट ग्रेजुएट करने वाले समाज के पहले व्यक्ति बने। आप वर्ष २००३ में सिविल सर्जन के पद से रिटायर हुए। आपने अपने आदर्शों का हमेशा पालन किया एवम् अपने निश्चय और धैर्यपूर्वक व्यवहार से बहुत से मरीजों और जरूरतमंदों की मदद की। 

रिटायरमेंट के बाद भी आप अपनी सेवाएं दे रहे है जिसके लिए आप महावीर इंटरनेशनल द्वारा संचालित है ट्रस्ट हॉस्पिटल से जुड़े हुए है। 
इसके सौजन्य से आप वर्ष में कई बार स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने में सहयोग देते है। यहां पर हृदय, नेत्र एवम्  अन्य रोगों के शिविर आयोजित किए जाते है, जिससे अनेक गरीब रोगी लाभान्वित होते है। दूर के गावों में कंबल आदि का वितरण किया जाता है।  बालाघाट के अन्य अस्पतालों से भी आप जुड़े हुए है। 
आप २ वर्षों तक  Indian Medical Association (IMA) के प्रेसिडेंट रहे।  

इसके अलावा आप पर्यावरण के लिए अपनी सेवाएं "कदम" संस्था के द्वारा दे रहे। नगर में जगह जगह पर वृक्षारोपण और उन वृक्षों की देखभाल का काम ये संस्था करती है। 
 डॉ. हरिनखेड़े का अपने समाज के कार्यों के प्रति भी बहुत झुकाव है, समाज के लोगो को आगे बढ़ाने का हर संभव प्रयास करते है। आप २ वर्षों तक बालाघाट पवार संगठन के उपाध्यक्ष पद पर भी रहे। 
आप सीनियर सिटिज़न फोरम के वर्तमान प्रेसिडेंट है। 
आपने बदलते हुए जीवन के तरीकों को पास से देखा है एवम् उसके अनुसार अपने को अपडेट रखा है। आपके मन में, समाज को एक स्वस्थ ज़िन्दगी देने का जुनून ही आपको एक बहुत काबिल इंसान बनाता है। 

 डॉ हरिनखेड़े हम सभी के लिए एक आदर्श है। आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान एवम् प्रेरणा के स्रोत है।

- डॉ. सोनाली पटले 
प्राध्यपक, अजय कुमार गर्ग
इंजिनियरिंग कॉलेज गाझियाबाद NCR दिल्ली

समाज मे आदर्श स्थापित करने वाले पिता

     प्राकृतिक संसाधनो से समृद्ध बालाघाट जिला कृषीप्रधान जिला है, बालाघाट जिला औद्योगिक विकास मे पिछडा हूआ है उसी के साथ शिक्षा क्षेत्र मे भी पिछडा है, बालाघाट जिले मे विश्व स्तर का कोई विश्वविद्यालय नही है, ऐसे स्थिती मे भी एक ही परिवार से ४ सदस्य जिन्होने बालाघाट जिले का गौरव बढाया है। ग्राम खामघाट तहसिल बैहर से बिसेन परिवार से डॉ. एन. के. बिसेन- मॅनेजर स्टिल प्लांट भिलाई, डॉ. दिनेश बिसेन - IRS officer (ce&e), ऋषी बिसेन- IRS officer (IT) रायपुर, तथा श्रिमती डॉ. किरन बिसेन DFO छिंदवाडा, जिन्होने अथक परिश्रम कर निजी क्षेत्र तथा शासकिय क्षेत्र मे उच्च स्थान प्राप्त किया है। गांव की  मिट्टी से निकलकर बिसेन परिवार ने समाज मे आदर्श स्थापित कर बालाघाट जिले का गौरव बढाया है।

     एक कहावत है, "इमारत नाम से जानी जाती है ना की उसे बनाने वाले मजदुर के नाम से" इसी प्रकार तिनो बेटो को क्लास वन ऑफिसर बनाने के पिछे पिता श्री फागुलालजी बिसेन के अथक परिश्रम का महत्वपूर्ण योगदान है। ८/११/१९५२ मे ग्राम खामघाट तह. लालबर्रा जिला बालाघाट मे एक कृषक परिवार मे जन्मे श्री फागुलालजी बिसेन २ वर्ष के थे तब ही उनके पिताश्री का देहांत हो चुका था, भ्राता की उम्र १० वर्ष थी, परिवार की सारी जिम्मेदारी मां पर आ चुकी थी; इन विपरीत परिस्थितीयो से लढकर मां ने बेटे श्री फागुलालजी बिसेन को BA D.ed. तक पढाने तक अपना सर्वस्व दिया, सन. १९७४ मे फागुलालजी बिसेन का विवाह श्रीमती क्रिष्णा ठाकरे बिसेन से हूआ; सन. १९७५ मे फागुलालजी बिसेन ग्राम खोलवा तह. बैहर के शासकिय स्कुल मे सहाय्यक शिक्षक नियुक्त हूए।

     शिक्षक श्री फागुलालजी बिसेन को तिन पुत्र हूए, वित्तिय समय मे प्रथम पुत्र नरेंद्र बिसेन (एन. के. बिसेन) स्टिल प्लांट भिलाई मे प्रबंधक के रुप मे कार्यरत है, वही द्वितिय पुत्र श्री. डॉ दिनेश बिसेन IRS officer (C&CR) (indian revenue service) तथा तृतिय पुत्र इंजी. ऋषीजी बिसेन IRS officer (income tax) raipur मे कार्यरत है। उस समय शिक्षक श्री फागुलालजी बिसेन की मासिक तनख्वा २५० रुपए थी, इतनी कम आय मे परिवार नियोजन करना बहौत ही मुश्किल था फिर भी पत्नी श्रीमती क्रिष्णा बिसेन के साथ मिलकर कठिन से कठिन शिक्षा समस्याओ से लढकर उन्होने अपने तिनो बेटो को उच्च स्तर की शिक्षा प्रदान की। रविवार को भी वे अपने बेटो को ६ से ८ घंटो तक पढाया करते थे, उनका एकमात्र लक्ष्य बेटो की शिक्षा था।

     गांव मे खेती थी, लेकिन बेटो के बेहतर भविष्य के निर्मान मे लगे श्री फागुलालजी बिसेन ने खेती बडे भाईयो को दे दी। पत्नी श्रीमती क्रिष्णा बिसेन भी बेटो की शिक्षा के प्रयास किया करती थी, दोनो ने अपने बेटो के शिक्षा के लिए अपना सर्वस्व दिया। पत्नी श्रीमती क्रिष्णा बिसेन का भी बेटो की शिक्षा के लिए विषेश सहयोग प्राप्त होता था। कम आय और उच्च स्तर की शिक्षा के चलते शिक्षक श्री फागुलालजी बिसेन को जिवन मे बहौत संघर्ष करने पडे फिर भी उन्होने हिम्मत नही हारी और अंत मे तिनो बेटे बालाघाट जिले के गौरव तथा समाज के लिए प्रेरना बन गए। 

     उसी के साथ परिवार मे महिलाएओ ने भी अपनी प्रतिष्ठा स्थापित कर शिक्षक फागुलालजी बिसेन के स्वप्न को साकार किया है। प्रथम पुत्र नरेंद्र बिसेनजी की पत्नी डॉ. सविता बिसेन व्हेटरनरी कॉलेज अनुजा दुर्ग मे सहायक प्रोफेसर के रुप मे कार्यरत है, वही द्वितिय पुत्र दिनेशजी बिसेन की पत्नी डॉ. किरन बिसेन छिंदवाडा जिले मे DFO (divisional forest officer) है। एंव तृतिय पुत्र ऋषीजी बिसेन की पत्नी बिंदु बिसेन सामाजिक कार्यकर्ता है। समाज मे आदर्श स्थापित करने वाले शिक्षक श्री फागुलालजी बिसेन सन. २०१० मे बैहर गर्ल्स हायर सेकंडरी स्कुल मे मुख्याध्यापक के रुप मे नियुक्त  हूए, एंव २०१० के अंत मे स्वास्थ के कारन वे सेवानिवृत हूए। श्री फागुलालजी बिसेन एक पिता के रुप मे समाज के लिए आदर्श तथा प्रत्येक पिता के लिए प्रेरनास्रोत है।
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                                   ✍ सोनू भगत ✍
                        !! अखिल भारतिय पवार गर्जना !!
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डॉ विशाल बिसेन – एक व्यक्तिमत्व



डॉ विशाल बिसेन  एक बहुआयामी व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) की डिग्री प्रबंधन विज्ञान में ली है। उनके पास 25 साल से अधिक का पेशेवर अनुभव है।

वह श्री जियालाल लाखनलाल बिसेन (देवसर्रा, तुमसर, जिला- भंडारा) के सुपुत्र हैं। उनके जीवनसाथी का नाम सपना बिसेन, श्री गजानन प्रुथ्वीराज कटरे (तिरखेड़ी) की सुपुत्री  है। उनका हाल मुकाम सी.बी.डी. बेलापुर नई मुंबई है ।

डॉ विशाल बिसेन ने अपनी शिक्षा भंडारा-गडचिरोली, नागपुर-औरंगाबाद विद्यापिठ से पूर्ण की ।

उन्होने 20 साल तक विभिन्न कंपनियों के लिए काम किया है। उन्होंने 2006 में सरकारी नौकरी छोड़ दी और वरिष्ठ प्रबंधन स्तर पर निजी कंपनी में शामिल हो गए। मुंबई में एक लॉजिस्टिक कंपनी के सीईओ / निर्देशक के रूपमें सफलतापूर्वक सेवा देने के बाद, उन्होंने 2014 में अपना खुद का व्यवसाय शुरू किया। उन्होंने पूरे भारत में 1000 से अधिक परिवारों के लिए रोजगार उपलब्द्ध किया है।

वर्तमान में वह सामवेदा ग्रुप और लैंडमार्क सी.एफ.एस प्राइवेट लिमिटेड के मालिक / संस्थापक और प्रबंध निर्देशक हैं।

"सामवेदा ग्रुप" संपूर्ण लोजिस्टिक सेवाओं, सीएफएस / आईसीडी / डिपो प्रबंधन और कंटेनर मरम्मत की सुविधा, अकादमी,  प्रशिक्षण और विकास (प्रस्तावित) "एक्जिम, लोजिस्टिक और सप्लाई चेन प्रबंधन" के क्षेत्र में लगी हुई है और नावासेवा ( जेएनपीटी), मुंद्रा, हजीरा, पीपावाव, विषाखापट्टनम पोर्ट में शाखाएं हैं और सीबीडी बेलापुर, नवी मुंबई में प्रधान कार्यालय है ।
लैंडमार्क सी.एफ.एस प्राइवेट लिमिटेड जून,2017 से  मुंदरा- कच्छ, गुजरात में "कंटेनर फ्रेट स्टेशन" है।

उन्हें  भारत के उत्कृष्ट व्यावसायिक उपलब्धि और प्रेरणादायक सामाजिक योगदान के लिए "उत्कृष्टता पुरस्कार – 2019 (Man of Excellence Award) " दिनांक 14 जून, 2019 को भारत - आंतर्राष्ट्रीय व्यापार सम्मेलन नई दिल्ली में सम्मानित किया गया ।

उन्हें गुजरात स्टार अवार्ड के द्वारा दिसम्बर - 2018 में "डायनेमिक लॉजिस्टिक्स प्रोफेशनल ऑफ द ईयर – 2018 अवार्ड, 
गुजरात जंक्शन द्वारा मार्च- 2018 में "डायनामिक शिपिंग एवं लॉजिस्टिक्स प्रोफेशनल ऑफ द ईयर - 2017 अवार्ड",
"इंडिया 5000" बेस्ट एमएसएमई अवार्ड्स "2017 में क्वालीटी एवं कस्टमर सैटिस्फैक्शन में उत्कृष्टता के लिए" सम्मानित किया गया है। तथा रामोजी फिल्म सिटी, हैदराबाद में 25 सितंबर, 2016 को लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन सेक्टर में पेशेवर उत्कृष्टता के लिए "इंडीवुड मैरीटाइम एक्सीलेंस अवार्ड" से भी सम्मानित किया गया है। ।

वह व्यापार और समाज के विकास में विभिन्न सामाजिक,शैक्षणिक और प्रेरक गतिविधियों में बहुत सक्रिय है और इसलिए वह व्यापार मंडलों, रोटरी क्लब, रेडक्रॉस और गैर सरकारी संगठनों के साथ जुडे हुऐ है।

वर्तमान में वह “जी.एच. रायसोनी  विश्वविद्यालय, नागपुर के द्वारा शुरू किए गए बीबीए शाखा के अंतर्गत लोजिस्टिक पाठ्यक्रम और आईटीएम – खारगर नई मुंबई के प्रबंधक पाठ्यक्रमो को आकार देने के लिए नियुक्त की गई समिति में सलाहकार के लीये अपनी सेवा दे रहे है । 

वह 2013 में रोटरी क्लब ऑफ मुंद्रा के "अध्यक्ष" थे और 2009 से 2014 तक मुंद्रा के सीएफएस एसोसिएशन के भे "अध्यक्ष" रह चुके है। उन्होंने लॉजिस्टिक्स एवं सप्लाई चेन मैनेजमेंट पर मॉडरेटर, पैनलिस्ट, स्पीकर और गुजरात/ मुंबई में विभिन्न पुरस्कार कार्यों में जूरी सदस्य के रूप में भी अपनी भूमिका निभाई है।

उन्होंने दो आंतराष्ट्रीय सम्मेलनों में लोजिस्टिक ऐवं सप्लाई चेन मेनेजमेन्ट के विषय पर अपने लेख प्रस्तुत किये है।

वह 1994 से 2000 तक भारतीय पवार संघ - भंडारा के युवा विंग "पवार युवा मंच" के "अध्यक्ष" रह चुके है ।

सुखवाडा दैनिक मे प्रकाशित लेख

Sunday, May 3, 2020

डॉ. शेखर पटेल

          श्री शेखर पटेल आपका जन्म वर्ष १९७३ मे वैज्ञानिक श्री मानिकलालजी पटेल के घर पुणे मे हुआ। आपके पिताजी वैज्ञानिक श्री मानिकलालजी पटेल DRDO हैदराबाद मे कार्यरत होने की वजह से आपकी आपकी प्राथमिक एंव माध्यमिक  शिक्षा केंद्रीय विद्यालय कांचनबाघ हैदराबाद से हूयी। आपने B. Tech Dairying, Tirupati, Andhra Pradesh Agricultural University से पूर्ण किया। बाद मे M.Tech National Dairy Research Institute से किया। एव  Biosystems Engineering मे आपने Oklahoma State University USA से PhD पुर्ण की। आपने Wharton Business School से Finance & Accounting मे  और Harvard Business School से Risk Management में प्रमाणपत्र पाया है।

         आपने वर्ष १९९९  में, L&T Niro में Trainee के रुप मे पहली नौकरी की सुरुवात की। बाद मे आप कई मल्टीनैशनल Pharma, Food, Diagnostics कंपनियों में काम किया। जैसे PepsiCo के हेडक्वार्टर मे advance research मे R&D director के पद पर काम किया। यहां आपको केमिस्ट्री के नोबेल प्राइज विजेता Arieh Warshel के साथ काम करने का मौका मिला। वर्तमान मे आप अमेरिका में USHydrations कंपनी मे Senior Vice President and member of board of directors के पद पर है। बाद मे आप USHydrations company की sister company Ayvo Hydrations से जुड गये। आप यहां CEO के पद पर भी कार्य कर रहें हैं। 

          आप अमेरिका मे रहकर सामाजिक एवं आंतराष्ट्रिय संस्थाओ मे भी आपका विशेष सहयोग है। आप RSS की आतंराष्ट्रिय संस्थान ICCS (international center for cultural studies) के आप विश्व अध्यक्ष है। ICCS करिबन ३० देशो मे आदिवासियों के बीच काम करती है। आप हिंदू युनिव्हरसिटी ऑफ अमेरिका के बोर्ड आॅफ़ ट्रस्टी भी है। एवं The biophysical society की public Affairs committee के आप मेंबर रह चुके है। आप वर्ष १९९६ मे M.Tech करते समय RSS की से जुड़े थे। आप B.Tech के दौरान स्टुडंट युनियन के अध्यक्ष होने के नाते आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और राज्यसभा मे प्रश्न उठवाने के की वजह से कांग्रेस और TDP से काफी परिचित थे।अमेरिका जाने  बाद, आप अमेरिका मे Oklahoma state के RSS के विभाग कार्यवाह रह चुके है। आप २००३ मे ICCS के जनरल सेक्रेटरी एंव २०१३ मे ICCS के अध्यक्ष बने। आपको ICCS मे कार्य करते हूये राष्ट्रीय स्तर के अधिकारीयो से कार्य करने के अवसर मिलते रहे है। आप इस बीच भारत में भी RSS के गुरुग्राम (गुडगाव, हरियाणा) मे नगर कार्यवाह रह चुके है। आपके गायत्री परिवार से आत्मसंबंध है।

          आप अमेरिका मे रहते हुए भी अपने पैतृक गांव से अधिक लगाव रखते है। आपकी भविष्य की रणनिती, अपने पिताजी के जैसे, गांव आकर रहने की है एवं गांव क्षेत्र के औद्योगीक विकास का उद्देश्य लेकर आप अमेरिका छोड़ गांव आने का निश्चय कर चुके है। आपने गांव मे घर का जिर्णोद्धार कर भव्य घर बनाया है। आप प्रतिवर्ष १ महीने के लिए अपने पैतृक गावं सोनेगाव (कटंगी) आते है। अभी आप इस कोरोना व्हायरस की वजह से अमेरिका की चीन की सप्लाय चेन को भारत की ओर मोड़ना चाहते है। एंव प्रदुषण करने वाली इंडस्ट्रिज से दूर रहकर environment friendly industries को अपने क्षेत्र मे लाना आपका सपना है। आप इसके लिए प्रयासरत है। आप अमेरिका से भारत लौटने पर समाज के लिए शिक्षा एवं हेल्थकेयर मे इन्वेस्ट करना आपका एक सपना है। आप समाज के लिए अनेक सपने लेकर कार्य करने की मंशा रखते है।

         आप वर्ष २००३ के पूर्व समाज के लिए बहुत महत्वपूर्ण कार्य कर चुके है। आपने गांव-गांव जाकर समाज की जानकारीयां संकलित की है। एवं आपने powarbandhu.com जो पोवार समाज की पहली वेबसाईट का निर्माण किया था। आपने भविष्य का डिजिटल समाज को भांपते हूये powarsamaj.org वेबसाइट का निर्माण किया है। आपका यह कार्य भविष्य के समाज के लिए नयी दिशा होगी। आपका जीवन आदर्शो से भरा पडा है, आप समाज के अनमोल रत्न एवं गौरव है। समाज के युवाओं के लिए आप निश्चित ही प्रेरणा स्वरुप है। अब हम आपके भारत आगमन का इंतजार कर रहे है, हमे गर्व होगा आपके साथ कार्य करने में।
                         - सोनू भगत 
           powarihistory.blogspot.com
                    powarsamaj.org

Friday, May 1, 2020

पोवार समाज का गौरव

 !! पोवार समाज का गौरव !!


आमरो पोवार समाज तथा भोयर पवार समाज मा असो महान व्यक्तिईनको जनम भयी से जिनन् आपलो जिवन को उच्चतम् पद तथा पुरस्कार प्राप्त करी सेन, जिनको पासुन पोवार समाज को गौरव बढी से। उनको अथक परिश्रम अना सन्मान आवने वाली पिढी ला प्रेरणा देये। या सुची यनच् उद्देश्य लका प्रेषित कर रही सेव।

● स्व. श्री रायबहादूर टूंडिलाल पंवार(तुरकर) - Ex. Deputy director of agriculture department, british gov. india. & 1st graduate from powar samaaj

● श्री पद्मभुषन डॉ. हेमंद्रसिंह पंवार-  Padmabhushan Dr. Hemendra Sigh Pawar, 1st Conservator of Forest and international wild life consultant to govt. of Shreelanka.

● श्री कॅप्टन के. के. बिसेन- Achieved highest post from Sep. to Hon. Captain

● श्री रविंद्र राहंगडाले -  managing director at Pennsylvania Transformer Technology, Inc. north Carolina USA

● श्री गौरिशंकर बिसेन- Hon Exe Cabinet Minister Govt Of Madhaya Pradesh.

● श्री डॉ. धनपाल टेंभरे-  1st Ph D in Mathematics and Executive Council Member, Nagpur University.

● श्री डॉ. ज्ञानेश्वर टेंभरे- International Scientist in Zoology & Ex Dean Faculty of Science, Nagpur University. Ex. President, Rashtriya Pawar Chatriya Mahasabha

● श्री डॉ. गौरिशंकर टेंभरे-  Principal & Secretary and Known Scientist of Chemistry.

● श्री इंजी. टिकेश्वरदयाल बिसेन- Chief Engineer, Chattisgarh Dept. of Health & Publ. Ex.President, Rashtriya Pawar kshatriya Mahasabha.

● सौ. डॉ. रागिनी सि. पारधी - M. D. Mitali Nursing & Critical Care Hospital balaghat. 1st Critical Care Unit & Hospital Owner.

● श्री डॉ. बि. एम. शरनागत-   Ayushyaman Hospital & ICCU Unit. President Rashtriya pawar kshtriya Mahasabha.

● श्री डॉ. शुरेश कटरे- Secretary & Director, Ayurvedic College.

● श्री विशाल राहंगडाले - Chief Information Officer. (kajakisthan& maleshiya)

● श्री रवी राणा- President, Yuva Swabhiman & M L A Maharashtra, at the age of 28th. He is CEO of Rana Group.

● स्व. श्री कन्हैयालाल बुवाडे- Active Senior Citizen & President Rashtriya rajabhoj smarak samiti

● श्री प्रोफेसर एच. एच. पारधी- 1st daily marathi news paper of a successful media parson. (Owner of Daily News Paper Lokjan)

● श्री जयपालसिंहजी पटले - Senior Powari Writer/Free Marriage Bureau & Ex- Mahasachiv Rashtriya Chatriya Pawar Mahasabha, Founder of Pawari Boli Bachao Abhiyan, Publisher of Pawar Gatha, Pawari Gram Geeta.

● श्री अनिल डोंगरदिये - Founder Director for Infobits Software Solution.

● श्री परिष देशमुख- Selected Officer in Indian police service, Proud 279th rank All India & 14t in Maharashtra Selection 2010

● श्री सौरभ पारधी- Seclected in Indian Administrative Services, Proud 133rd All India & 3rd in Maharashtra selection 2010

● श्री अर्पित हरिनखेडे- Manager (Expansion) IMS- Mumbai, CAT 2007- 99.71%. Got all IIM calls (Ahmedabad, Calcutta, Lukhnow, Indore, Kozhikote, Bangalore) by securing 99.71 percentile in CAT 2007. Did MBA from MDI Gurgaon (Among Top 5 in India) in Marketing and Information Management. Currently working as Manager (Expansion) in

● श्री ढोलेजी - Scientist-B (Class-I,Gazetted Officer) in DRDO, Shri Dhole did diploma in Chem.Engg from Govt Poly.Arvi and graduated in 2006 from UDCT, Amravati University, Amravati with a B.Tech (Chem.Tech) .He subsequently completed master degree from L.I.T., Nagpur University, Nagpur in 2008 with a M.Tech.

● श्री ऋषी बिसेन- He is First officer from Panwar Samaj in Indian Revenue Service(Income Tax). He belongs to 2010 Batch of IRS. Before this service he selected as Deputy Superintendent of Police in MadhyPradesh Government. He is Metallurgical Engineering graduate from National Institute of Technology, Raipur.

● श्री संतोष भगत-  Got USA patent for Design of Capsule filling machine( Patent No. US 7234494B2 dated 26th Jun 2007. 1st in powar samaj to get USA patent.

● श्री सुरेंद्र कावडे- Education and Career Development Programme for Pawar Yuth.

● श्री ए. पी. देशमुख-  Selected in Indian Raiway Service of Engineers-94 batch( may be first in community ), later selected for Indian civil service(P & T) but continued with Railways.

● श्री नरेश गौतम-  CPWD all india selection 2009. Ist in powar community in CPWD.

● श्री सुमित पटले- IOFS (Indian Ordnance Factory Service) Awarded with AYUDH BHUSHAN in 2011 for outstanding and exemplary contribution towards innovation and excellence for the cause of Govt. Of India , Ministry Of Defence.

● श्री डॉ. दिनेश बिसेन- Indian Revenue Service (Customs & Central Excise) First IRS(C&CE) from Pawar samaaj.


● सौ. डॉ. किरन बिसेन- 1st Lady IFS Officer of Pawar Community.

● सौ. निलम बुवाडे - Neelamji is selected after successful complition of 2 terms at VIA (vidarbha industriel association) as Hon Secretary and she is star performer of New York Life Insurance.


• श्री निलेश कालभोर- He is first officer from Pawar samaj in Indian Information Service. He belongs to 2006 Batch of IIS and currently posted in PMO.

• श्री इंजी. नरेंद्र बिसेन- He is metallurgical Engineer from National Institute of Technology Raipur and after selection of Steel Authorities of India Limited he is currently posted as Assistant General Manager in Bhilai Steel Plant. His wife is PHD in Veterinary Science and Animal Husbandry and currently posted as Professor in Government Veterinary College Durg. His Brothers Dr. Dinesh Bisen and Rishi Bisen are Indian Revenue Officer in Government of India.

• श्री अजय बिसेन- First Powar  Commissioned officer in the Indian Navy. He has done BE in Electrical Engineering in 1988. He Got selected for Indian Air force and the Indian Navy during college and Decided to joinIndian Navy. He presently Commodore (rank equivalent to Brigadier ) in Goa.

• श्री आर. एल राणा- First Panwar who qualified Indian Engineering Services (IES 1984 Batch). He is Chief Material Manager,  Indian Railways. He has done Engineering in Mechanical from Raipur Government College in 1986 and done M.Tech. From IIT Kanpur in 1988.

• श्री अवध किशोर पवार- He is second officer in IRS(IT) and he belongs to 2016 Batch of Indian Revenue Service(Income Tax).

• श्री ढालसिंह पटले-He is first Officer from Panwar Samaj in Delhi, Andaman and Nicobar Islands Police Service. He belongs to 2010 Batch of DANIPS and presently posted as DCP Delhi.

• सौ. सरिता शिवा बघेले- 1st lady jailer in powar samaj, she is posted in nagpur central jail.

• श्री नामदेव रबडे- Namdev Rabade : He is IES office and presently posted Chief Energy Manager at Maharashtra Metro Rail Corporation Limited, Nagpur. He has done Electrical Engineering from Government Engineering College Rewa.

• श्री सि. एल. गौतम - He is Passport Officer and presently posted in Nagpur.

• श्री अशोक अंबुले- He is Administrative Officer in Income Tax Department and presently posted in office of Pr. Chief Commissioner of Income Tax Nagpur

• श्री अजय भगत- He is working as Head of APEX Bank at Raipur.

• श्री लोकेश बिसेन- He has selected as Income Tax Inspector and Presently posted as Income Tax Officer in Bhopal.

• श्री एम. आर. भगत- He has selected as Income Tax Inspector and Presently posted as Income Tax Officer in Raipur.

• सौ. लता शरनागत- She has been selected as SDM through MPPSC and presently posted as ADM in MP Govt.

• श्री ऋषी पवार - He has been selected as SDM through MPPSC and presently posted as ADM in MP Govt.

• श्री कमलेश पवार- He selected as DySP through MPPSC and presently working as ASP in MP Government.

• श्री भिकम चौधरी- He has selected in Bharat Heavy Electrical Limited and presently posted in BHEL, Bhopal. He has his engineering from Government Engineering College, Jabalpur

• श्री विरेंद्र ठाकरे - He is working as Deputy Manager in JSW Steel Mumbai. He has done his engineering from National Institute of Technology Raipur in Metallurgical Engineering in 2003.

• श्री मुकेश पटले -  He is working as Deputy Manager in JSW Steel Mumbai. He has done his engineering from National Institute of Technology Raipur in Metallurgical Engineering in 2003.

• श्री विक्रांत देशमुख- He has selected in National Thermal Power Corporations In year 2004. He has done his graduation in Mechanical Engineering from NIT Raipur in 2002. Presently he is posted in Angul Orissa as Deputy General Manager.

• श्री राजेश देशमुख - He is Assistant Audit Officer in AG(Audit) Nagpur. He is working in this department since 1996.

• सौ. श्वेता पंवार - She has been selected as SDM through MPPSC and presently posted as ADM in MP Govt.

• शारदा हरिणखेडे - she is first girl of powar samaj who win the beauty pageant on biggest platform of " Miss Maharashtra iconic diva 2020 " as "second runner-up" at mumbai on 26 Jan 2020. She also won the all India multilingual dance competition(national dance competition) on August 2018 at Nagpur.  She is graduate in engineering from MIET college Gondia(2015 pass-out). She worked as web research executive at Php Pvt Ltd.

• सौ. डॉ. सविता परमार बिसेन-  She is posted as Professor in Government Veterinary College and Animal Husbandry Durg. She has done PHD form Indian Veterinary Research Institute (IVRI). Her Husband Shri Narendra Bisen is Assistant General Manager in Bhilai Steel Plant.

• सौ. सुप्रिया बिसेन- Working as District Coordinator in Government of Madhypradesh. He has been selected through MPPSC 2012.

• श्री अभिनव कुमार बारंगे- Posted Deputy Superintendent of Police at Govt of MP. He has been selected through MPPSC 2012.

• सौ. ओजस्वी टेंभरे- He is working as Women development and empowerment Officer MP Government. He has been selected as CTO form MPPSC 2013.

• श्री विकेश कुमार बिसेन-  He has been selected as Inspector form MPPSC 2013

• श्री निमेश देखमुख-  He is Nayab Tehsildar in Government of Madhypradesh. He has been selected through MPPSC 2013.

• सौ. दिपिका परमार- She is Women development and empowerment officer in MP government.  She is selected through MPPSC 2013 exam.

• सौ. आशादेवी पटले-  She is Women development and empowerment officer in MP government.  She is selected through MPPSC 2013 exam.

• श्री रविशंकर राणा - has been selected as Assistant Director in Finance Department of Government of MP through MPPSC 2013.

• सौ. अंजना जैतवार-  She is posted as Assistant Director OBC and Minority Welfare Department at MP. He is selected through MPPSC 2013 exam.

• सौ. उर्वशी गौतम- She is working as Assistant Commissioner of Commercial Tax in MP Government. He has been selected as CTO form MPPSC 2013.

• श्री होमेंद्र पटले- He is posted as Assistant Director OBC and Minority Welfare Department at MP. He is selected through MPPSC 2013 exam.

• सौ. हेमश्वरी पटले- She is selected as Chief Nagar Palika Officer in MP Government through MPPSC 2013.

• श्री अकांत राहांगडाले- He is working as Assistant Commissioner of Commercial Tax in MP Government. He has been selected as CTO form MPPSC 2013.

• सौ. गिता बिसेन- She has been selected as Assistant Director in Finance Department of Government of MP through MPPSC 2013.

• श्री योगेंद्र टेंभरे-  He is presently posted as Assistant Commissioner of Commercial Tax, MP government. He has selected as CTO through MPPSC.

• श्री संजय बिसेन- He is assistant professor in Hindi, which selected through MPPSC Assistant Profession Exam 2017.

• श्री गगण बिसेन- Gagan Bisen has been selected as Deputy Collector through MPPSC 2017 and achieved seventh rank. Presently he is also trying for UPSC exam.

• माननीय, सुश्री. निधि बारंगे: (Hon'ble Mrs. Nidhi barange) She is  Consumer Forum Judge Member In Chhindwara. She has Bsc, MA, PGDCA, B. Ed, M. Ed, L. LB,, and  PHD running. She received many honours and awards for best performance in her field. She is gold medallist in LLB and topper in all subject.

• श्री प्रशांत बिसेन: He is the first Charter Accountant from Panwar Samaj and presently practicing in Raipur.

• श्री अरुण बिसेन He has done Civil Engineering from GEC/NIT Raipur and work as OSD Officer for Ex. CM Shri Raman Singh. Now he is working as social worker.

• श्री लखन पटले: Posted Additional SP in Chhattisgarh Government. He has done B.Sc. from Khairagad Science College and selected as Dy.SP though CGPSC in 2005.

• सौ. डॉ. ऋचा टेम्भरे बिसेन: She is working as Assistant Professor. She has done PHD from Kanpur University.

• सौ.डॉ. नीलम बिसेन. She is working as teaching  cum research associate in Rani Lakshmi Bai Central Agricultural university Jhansi. She has done her BSc Ag and MSc Ag from JNKVV Jabalpur. She has completed her PhD in Agronomy from Banaras Hindu University Varanasi with fellowship.

• श्री डॉ. शरद ठाकुर: B.A.M.S, D.ed, CPCT, (Counsellor) secretary Lions club of Nagpur ayurved, Member of National  integrated medical association, (NIMA), Run Shree clinic and Panchakarma centre in Nagpur, Guest Lecturer in IDCP COLLEGE (physical education) Nagpur.

• श्री शिवकेश टेकचंदजी गौतम: Native Place:- Dhakni (Gondia)
Details of Post:- Sr. Manager at TAMCO Switchgear (Malaysia) -  Across all offering and Geographic’s and to further streamline the Application Engineering, Mr. Shivkesh Gautam head various sub groups of AE department including BOM/AE/PTTI in Tomco for Geographic’s ( Malaysia, Indonesia & India(Pune).
Education: B.Tech (Electrical) from VNIT, Nagpur.

• श्री ऋषीकेश टेकचंदजी गौतम: Native Place :- Dhakni ( Gondia )
Details of Post :- Senior Manager at Jio ( Mauda, Nagpur ) - Infrastructure Lead for India , Jio(IDAM) Datacentres and also leading Disaster Recovery Datacentre`s Operations, design, planning and Implementation from centre of India Mauda ( Nagpur).
Education : MCA from RICA ( RKNEC) Nagpur

• श्री शैलेश पारधी: He is Charter Accountant and presently  practicing at Nagpur.

• श्री डि. डि. ठाकरे: He is presently posted as Principal in Government Higher Secendry School Parswada(Baihar)He has done his M.Sc. Honours from Physics.

• श्री भुवनेश्वर टेंभरे: He is Professor in R.D.College Madla.

• सौ. प्रीति बोपचे: She is posted Deputy Manager in State Bank of India, Jabalpur. She has done in graduation in B.Sc. Agriculture from JNKVV, Jabalpur.

• श्री मनोज राहंगडाले: He is posted as Assistant Manager in State Bank of India, Waraseoni. He has done his graduation in Commerce.

• सौ भुमि चौहान शरणागत: She is posted as Police Inspector(TI) in Bhopal.



                       - सोनू भगत
   niteshbhagatpawar.blogspot.com

डॉ. ज्ञानेश्वर बापुजी टेंभरे



!!  डॉ. ज्ञानेश्वर बापुजी टेंभरे  !!
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      डॉ. ज्ञानेश्वर बापुजी टेंभरे, कुछ समाजबंधुओ के लिए नया नाम तथा कुछ पवार बंधुओ के लिए प्रेरक नाम। आज हम पवार समाज का इतिहास जान पाए है वह डॉ. ज्ञानेश्वरजी टेंभरे की ही देन है, उनकी दो रचनाए १) पवारी ज्ञानदीप २) चक्रवर्ती राजा भोज, यह दो किताबो के माध्यम से पवार समाज अपना इतिहास तथा संस्कृती, भाषा व्याकरन, रिती रिवाज, मान्यताए इत्यादी जान पाए है। भविष्य मे उनकी यह मुख्य दो रचनाए समाज को अपने इतिहास से अवगत कराती रहेगी। बहौत कम लोग डॉ. टेंभरेजी से परिचित है, उन्होने समाज के लिए जो योगदान दिया है वह अतुल्यनिय है, संछिप्त रुप से डॉ. टेंभरेजी का परिचय निचे दिया गया है।

 जन्म एंव शिक्षा

        ग्राम मेंढा तहसिल तिरोडा जिला गोंदिया मे दि. १६ अप्रैल १९४४ को ज्ञानेश्वर टेंभरेजी का जन्म एक कृषक परिवार मे हूआ। पिता बापुजी टेंभरे तथा माता स्वरस्वती भगत टेंभरे थी, ज्ञानेश्वरजी टेंभरे की प्राथमिक शिक्षा १९५० से १९५४ तक ग्राम मेंढा के जिला परिषद प्राथमिक स्कुल से हुयी। उके बाद १९५४ से १९६३ तक उनकी माध्यमिक शिक्षा जे. एम. हायस्कुल रेलटोली गोंदिया से हूई। १९६३ से १९६८ तक डि. बी. सायंस कॉलेज गोंदिया से बि. एस. सी. एंव उसके बाद १९६८ से १९७० के कालावधी मे एम. एस. सी. स्नातकोत्तर प्राणीशास्त्र विभाग से पी एच- डी. नागपुर विश्वविद्यालय से ग्रहन की।

       तुरंत १९७३ मे उनका स्नातक प्राणीशास्त्र विभाग मे नागपुर विश्वविद्यालय मे व्याख्यता पद पर चयन हूआ। १९७६ मे पोस्ट डॉक्टरल रिसर्च के लिए डॉ. टेंभरेजी की आतंराष्ट्रिय स्तर पर नियुक्ती हूई। जर्मनी के बॉन विश्वविद्यालय से "इलेक्ट्रॉन मायक्रोस्कोपी" की शिक्षा (१९७६- १९७८) ग्रहन कर वे स्वदेश लौटे। वर्ष १९७० - १९७३ मे डॉ. टेंभरेजी को Ph.D के लिए UGC दिल्ली की ज्युनियर रिसर्च फेलोशिप और पोस्ट डॉक्टरल रिसर्च के लिए जर्मन सरकार से DAAD की फेलोशिप प्राप्त हूई। उसके बाद १९८० मे जुरिच विश्वविद्यालय स्वित्झरलँड, १९९० मे जॉनसन विश्वविद्यालय न्यु टेनेसी अमरिका, एंव २००२ मे योगाकार्ता विश्वविद्यालय इंडोनेशिया के वैज्ञानिक परिषद मे आमंत्रन पर उन्होने व्याख्यान दिए है।

 सामाजिक कार्य

     वर्ष १९६८ मे डॉ. टेंभरेजी ने नागपुर मे "पवार विद्यार्थी संघ" की स्थापना की जो १९७३ तक कार्यरत रहा। वर्ष १९८३ मे उन्होने नागपुर शहर मे "पवार युवक संघटन" की स्थापना की, वे १९८३ से १९९७ तक पवार युवक संघटन के अध्यक्ष रहे। आज की स्थिती मे पवार युवक संघटन नागपुर का सबसे बडा पवार संघटन है। सन १९८४ से "पवार संदेश" को पुणर्जिवित कर समाज की प्रथम वार्षिक पत्रिक 'पवार वाहिनी' के  रुप मे प्रारंभ की, तब स लेकर आज तक वे 'पवार संदेश' को प्रतिवर्ष प्रकाशित करते आ रहे है एव वह संस्थापक एंव संपादक भी है। वर्ष १९८८ मे १६००० चौरस फुट भुखंड मे पवार विद्यार्थी भवन का निर्मान उन्होने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश एंव छत्तिसगढ के गांव गांव जाकर समाजजनो से १९८२ - १९८६ तक अनवरत प्रयास प्रयास से आर्थिक सहयोग से पाकर निर्मान किया गया। आज यह भवन बहूउद्देशिय है इसमे सांस्कृतिक भवन, छात्रावास तथा अथिती गृह के रुप मे केवल पवार समाज के आर्थिक कोष से साकार हूआ जिसका अभी विस्तारिकरन का कार्य चालू है। डॉ. टेंभरेजी वर्ष २००० से वर्ष २००६ तक अखिल भारतिय पवार महासभा के अध्यक्ष पद पर रहे।


सन्मान

       वर्ष २०१३ मे डॉ. टेंभरेजी को international society of indocrinology द्वारा eminent indocrinologist यह अपाधि प्राप्त हूई। वर्ष २०१४ मे international society of odonatology द्वारा father of Indian odonatology उपाधि द्वारा सन्मानित किया गया तथा university of grant commission द्वारा lifetime achievement award द्वारा उन्हे सन्मानित किया गया। वर्ष २०१६ मे पवार युवक संघटन द्वारा सर्वोच्च सामाजिक नागरी "जिवन गौरव" पुरस्कार से उन्हे सन्मानित किया गया। वर्ष २००० से २००४ तक डॉ. टेंभरेजी नागपुर विश्वविद्यालय मे विभागप्रमुख विज्ञानशाखा, अधिष्ठता (डिन) विद्यापिठ व्यावस्थापन समिती, विद्वत परिषद व वीधी सभा के अनेक पदो पर विभुषित किया गया। उम्र के ६०वे वर्ष २००४ मे वह डिन तथा प्रोफेसर के पद से सेवानिवृत हूए; उनके मार्गदर्शन मे २१ ph.D शोधकर्ता आचार्य उपाधि प्राप्त कर चुके है।

साहित्य, किताब, रचनाएँ

       डॉ. टेंभरेजी ने insects endocrinology शिक्षा क्षेत्र मे ८० से भी ज्यादा रिसर्च पेपर विभिन्न आतंराष्ट्रिय पत्रिकाओ मे प्रकाशित किए है। उसी के साथ वर्ष १९९७ मे modern entomology २०१० मे technique in life sciences एंव २०१२ मे endocrinology यह तिन किताबे लिखकर हिमालया पब्लिसिंग हाउस से प्रकाशित की। एंव उन्हे उपयुक्त समय पर समृद्ध करते आए है। आजके स्थिती मे तिनो पुस्तिकाए आंतरराष्ट्रिय स्तर पर प्रचलन मे है।

       वर्ष २०११ मे उन्होने "पवारी ज्ञानदीप" पुस्तिका की रचना की एंव हिमालया पब्लिसिंग हाऊस मुबंई द्वारा प्रकाशित की गई। वर्ष २०१४ मे "चक्रवर्ती राजा भोज" पुस्तिका की रचना की, एंव उस पुस्तिका को राष्ट्रिय पवार क्षत्रिय महासभा द्वारा प्रकाशित की गई। वर्ष १९८३ से लेकर वर्ष २०१७ तक वे पवार युवक संघटन नागपुर से "पवार संदेश" का प्रकाशन प्रतिवर्ष करते आए है। तथा विभिन्न सामाजिक पत्रिकाओ मे उनके लेख प्रकाशित हूए है।

जीवन

         दि. १६ अप्रैल २०१७ को डॉ. टेंभरेजी उम्र के ७४ वे वर्ष मे पदार्पन करने जा रहे है, उन्होने अपना संपुर्ण जिवन स्वाभिमान के साथ बिताया। लगभग ७४ वर्ष की आयु मे भी वे व्हाट्स एप चला लेते है एंव युवाओ को मार्गदर्शित करते रहते है। उन्हे धार्मिक ग्रंथो का सखोल ज्ञान है, वे संस्कृत भाषा मे निपुन है एंव पवारी भाषा पर उनका अती प्रेम है, उनकी कर्मभुमी नागपुर जरुर है लेकिन उनका जन्मभुमी के प्रती आज भी लगाव है। वे जर्मन, स्पॅनिष, इंग्लिश, हिंदी, मराठी, पवारी भाषाओ मे परंपरागत है, फिर भी स्वदेशी हिंदी, मराठी एंव पवारी भाषा पर अभिमान करते है एंव दैनंदिन उपयोग की भाषाओ मे उपयोग करते आए है। डॉ. ज्ञानेश्वर बापुजी टेंभरे समाज मे एक आदर्श है, हमारे प्रेरनास्रोत है, हम उनकी दिर्घायु की ईश्वर से प्रार्थना करते है एंव डॉ. टेंभरेजी से निवेदन करते है की वे हमारा समय समय पर मार्गदर्शन करते रहे।


           ✍ सोनू भगत 

श्री नामदेवजी पारधी


अथक परिश्रम एंव संघर्ष सफलता की चाबी है, आज समाज मे ऐसे प्रेरणास्त्रोत है जिन्होने अथक परिश्रम से सफलता का इतिहास रचा है। आज हम आपको बताऐंगे विनम्र इंश्युलेशन के मालिक श्री नामदेवजी पारधी के सफलता की कहानी।

      ग्राम कवलेवाडा तह. तिरोडा जिला गोंदिया मे ८ अगस्त १९७८ मे नामदेवजी पारधी का जन्म एक सामान्य कृषक परिवार मे हूआ उनकी प्रारंभिक शिक्षा पुर्व माध्यमिक शाला कवलेवाडा से पुर्ण हूई। बाद मे उन्होने उच्च शिक्षा मानवता हायस्कुल केसलेवडा से पुर्ण की। उस समय वह शिक्षा ग्रहन करने के लिए १२ किमी प्रतीदिन सायकल से जाना आना करते थे। घर की आर्थिक परिस्थिती ठिक नही होने की वजह से बडे बेटे होने की वजह से उनपर परिवार की जिम्मेदारी आ चुकी थी। १२वी की परिक्षा पास करने के बाद वह नौकरी की तलाश मे कर्णाटक राज्य चले गए। उन्होने वहां ३ माह काम किया और वह वापिस अपने गांव लौट आए।

      बाद मे वह दुसरी नौकरी करने के लिए महाराष्ट्र के रायगढ जिले मे रेवदंडा क्षेत्र गए, वहां उन्हे खंडेलवाल इंश्युलेशन कंपनी प्रा. लिमिटेड मे स्टोर कीपर की नौकरी मिली। १९९८ से लेकर २००३ तक उन्होने वहां काम किया इस बिच उनकी पोस्टिंग सुपरव्हाईजर से सिनियर सुपरव्हायजर पर हूई। उन्होने उस समय मे सि. जे. पटेल ज्युनियर कॉलेज तिरोडा से ग्रॅज्युएशन प्रायवेट मे पुर्ण भी किया।

        वर्ष २००३ मे उनका प्रमोशन हूआ और उन्हे खंडेलवाल इंश्युलेशन कंपनी ने साईड इंचार्ज बनाकर गुजरात राज्य के दहेज GIDC मे स्थित बिरला कॉपर लिमिटेड का चार्ज दिया। उन्होने वर्ष २०११ तक साईड इंचार्ज के तौर पर खंडेलवाल इंश्युलेशन कंपनी मे कार्य किया इस बिच मे उन्होने तिरोडा क्षेत्र के हजारो लोगो को रोजगार दिया। आज की स्थिती मे भंडारा गोंदिया जिले से विदेश जाकर इंश्युलेशन & स्कॅफोल्डिंग क्षेत्र मे  नौकरी करने वालो की संख्या ५००० से अधिक है, इसका श्रेय श्री नामदेवजी पारधी को ही जाता है।

      वर्ष २०११ मे उन्होने "विनम्र इंश्युलेशन" कंपनी की स्थापना की और शेकडो की संख्या मे तिरोडा क्षेत्र के लोगो को वह आज भी रोजगार प्रदान कर कर रहे है। विनम्र इंश्युलेशन कंपनी मे आज की स्थिती मे ९०% पवार बंधू ही कार्य कर रहे है। दुनिया मे शायद यही एकमात्र कंपनी है जहां रोजमर्रा की भाषा के रुप मे सभी लोग पवारी भाषा का उपयोग करते है। चाहे वह बंगाली हो अथवा बिहारी हो अथवा अन्य कीसी जाती का हो सभी लोग पवारी भाषा जानते है और संवाद भी पवारी भाषा मे करते है।

     नामदेवजी पारधी सादगी और स्वाभिमान से जिवन व्यतित करते आए है, उनका पवार समाज के प्रती बहूत लगाव है। उनके घर (गुजरात दहेज) मे मुख्य भाषा के रुप मे पवारी भाषा का ही उपयोग होता है। तथा उनके ऑफिस मे भी ज्यादातर पवारी भाषा मे ही वार्तालाप होता है। नामदेवजी पारधी ५ भाषाओ (पवारी, मराठी, हिंदी, गुजरती, इंग्लिश) का ज्ञान रखते है। एक सामान्य कृषक परिवार मे जन्म लेकर अथक परिश्रम एंव संघर्षमय जिवन से उन्हे जो सफलता मिली इससे समाज के युवाओ को प्रेरणा मिलती रहेगी।

-सोनू भगत
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वैज्ञानिक डॉ. योगी पारधी

           हमारा ग्रामिण समाज प्रतिभाओ का धनी है, ग्रामिण युवाओ को सही मार्गदर्शन   एवं दिशा मिले तो वह आसमान छू लेते है। यह लेख उस व्यक्ती का जिवन परिचय है जिसने ग्रामिण पोवार क्षेत्र को प्रतिष्ठा एंव सन्मान दिलाया है। गोंदिया जिले के तिरोडा तहसिल मे ग्राम ठानेगाव के कृषक परिवार मे श्री. उरकुडाजी पारधी के घर १ अगस्त १९८० को योगी पारधी इनका जन्म हुआ। ४ भाई बहनो मे योगीजी मंझले भाई है| उनके परिवार का प्रमुख व्यवसाय खेती एंव पशुपालन था इसलिए योगीजी इनका बचपन से ही खेती कार्यो मे रुचि एवं सहयोग रहा। वह शनिवार एंव रविवार की छुट्टियो मे घर की गाय चराने हेतू खेतो मे ले जाते थे। तथा बारिश के दिनो मे खेती मे सहयोग भी करते थे।
           योगी पारधी इनकी प्राथमिक शिक्षा छत्रपती दुबे प्राथमिक शाला तिरोडा से प्रारंभ हूई एंव बाद मे उन्होने ५वी कक्षा से शहिद मिश्रा हायस्कुल तिरोडा से १०वी तक अपनी शिक्षा पूर्ण की। इस बिच वह ठानेगाव से तिरोडा तक १६ किमी प्रतिदिन राज्य परिवहन की बस और सायकल से आना जाना करते थे। ११वी और १२वी की पढाई के लिए उन्होने समर्थ ज्युनियर सायंस कॉलेज लाखनी से शिक्षा प्रारंभ की एंव पायाभुत शिक्षा पुर्ण होने के बाद उन्होने वर्ष २००२ मे  रामटेक के कवि कुलगुरु इंस्टिट्युट ऑफ टेक्नोलॉजी & सायंस कॉलेज से BE मैकेनिकल इंजिनियरिंग मे पुर्ण किया। उन्होने IIT रुडकी (उत्तराखंड) से वर्ष २००५ मे Industrial Metallurgy मे M Tech पुर्ण किया। अपने Masters पाठ्यक्रम के दौरान उन्हे जर्मनी के Technical University of Munich से एक वर्ष की अवधी के लिए DAAD (German Academic Exchange Service) स्कॉलरशिप से सन्मानित किया गया था। वर्ष २०१० मे ब्रिटेन के University of Birmingham से उन्होने Metallurgy & Materials Science मे PhD पुर्ण किया। उनके डॉक्टरेट शोध के दौरान Universities UK द्वारा प्रतिष्ठित ORSAS फेलोशिप से सन्मानित किया गया है। वर्ष २०१३ मे वह ख्यातीप्राप्त Rolls Royce कंपनी से जुड गये, वह Advance Manufacturing Engineer के पद पर कंपनी के लिए सेवा देने लगे। वर्ष २०१४ मे उनको प्रमोशन मिला और उनकी पदस्थी  Principal Manufacturing Engineer पद पर हूयी। वर्ष २०१६ मे उनकी एक बार फिर से पदोन्नती हूयी और वह Staff Manufacturing Engineer पद पर पहूंचे। इस बिच उन्हे वर्ष २०१९ मे rolls Royce द्वारा दिया जाने वाला सर्वश्रेष्ठ Sir Henrry Royce award for Technology and Innovation in Manufacturing सन्मान से सन्मानित किया गया| यह सन्मान उन्हें 3D Printing  अथवा Additive Manufacturing के क्षेत्र मे अत्युत्तम योगदान के लिए दिया गया। डॉ. योगी पारधी "Metallurgy- Advances in Materials and Procesess" किताब के संपादक है। उनके वर्तमान आविष्कार उपरोक्त प्रकार पेटेंट उनके नाम पर दर्ज है।
• manufacturing method & post- processing treatment. US2018221955A1; EP3357605A
• Heat treatment after ALM of gamma- strengthened nickel based supperalloy component. US2018361478A1; EP 3415253A
• Crack reduction for additive layer manufacturing. US2019366438A1; EP 3575018A1
• Method of manufacture US2019255617A1; EP3530759A2; EP3530759A3; GB2571280A
• Method of manufacturing a component. GB2570723A; US2019240783A1
• Heat treatment method. US2018361475A1; EP3403748A1
• Nickel base superalloy and use thereof. US2018073106A1; EP3293276A1; EP3293276B1
वही ३ आविष्कारो के पेटेंट अभी दर्ज होना बाकी है, फिलहाल उनका प्रकाशन के लिए पंजियन हेतू भेजे गये है। अप्रैल २०१९ मे उन्होने Rolls Royce से इस्तिफा दिया और विश्व ख्यातीप्राप्त Sulzer कंपनी मे Global Lead-Additive Manufacturing के पद पर जुड गये| वर्तमान मे वह Sulzer मे कार्यरत है।
              डॉ. योगी पारधी सामान्य कृषक परिवार नही, बल्कि ऐसे पिता के पुत्र है जिन्होंने कृषि के क्षेत्र मे घरगुती तरिके से कृषी क्षेत्र मे परिवर्तन एंव गायों के माध्यम से जैविक खेती प्रांरभ की जिसके लिए उन्हे राज्यपाल द्वारा 1982 मे पुरस्कार प्रदान किया गया है। डॉ. योगी पारधी वे उनके पुत्र है जिन्होंने उनके क्षेत्र में विचारक्रांती परिवर्तन के लिए गायत्री शक्तिपीठ की स्थापना आचार्य श्रीराम शर्मा  द्वारा की। जनमानस में अच्छे संस्कारो को प्रस्थापित करने में अविरत व बहुमूल्य योगदान दिया। आदर्श सामूहिक व कम खर्चे वाली वैदिक विवाह पध्दति को प्रचारित किया। श्री योगी पारधी भी गायत्री परिवार के सदस्य है और विदेश में रहकर भी भारतीय संस्कारो का पालन करते है  व ध्यान, यज्ञ आदि को नियमित करते है। उनके पिताजी  श्री उरकुडाजी  पारधी इन्होंने अपने बाड़े में ही गायत्री मंदिर का निर्माण कर परिसर में पवित्र वातावरण का निर्माण कर लिया है। उस पवित्र वातावरण के संस्कारों में व कड़े अनुशासन में ही श्री योगीजी की परवरीश हुई है। और उन्होंने एक आदर्श पुत्र के अपने उत्तरदायित्व पूर्ण किये है।

माहिती स्रोत- श्री महेन पटले, श्री रणदिप बिसने


                        - सोनू भगत
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डॉ. सेखराम येळेकर



        बॅरिस्टर शेशराव वानखेडे शिक्षन महाविद्यालय में अधिव्याख्यता पद पर प्रा. सेखराम येळेकर इन्हे नागपुर विश्वविद्यालय की phD प्राप्त हूयी है। प्रा. सेखराम येळेकर ने "विद्यार्थांच्ये शैक्षणिक संपादन आणी त्या संदर्भात त्यांची विवाहाबाबत असलेली अभीवृत्ती एक अध्ययन" इस विषय पर शोध निबंध प्रस्तुत किया था। आपने phD, बॅरिस्टर वानखेडे शिक्षन महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. वंदना मानापुरे इनके मार्गदर्शन मे पुर्ण की।
               इसके पुर्व आपने प्रायमरी शिक्षा ग्राम सिंदीपार से पुर्ण की तथा माध्यमिक शिक्षा  ग्राम सालेभाटा त. लाखनी जि. भंडारा से पुर्ण की। जे. एम. महाविद्यालय भंडारा से आपने B. SC पुर्ण की एंव उसी महाविद्यालय से M. SC भी पुर्ण की। कम्युनिकेशन गणित विषय मे आपने MA किया तथा समाजशास्त्र, हिंदी एंव मराठी मे आपने M. ED तथा शिक्षा शास्त्र से विभाग मे आपने 'सेंट' की परिक्षा उत्तिर्ण की है। आप छोटेसे ग्राम से शिक्षा क्षेत्र मे सिढी दर सिढी चढते हूये अपने शिक्षा क्षेत्र मे यहां तक का सफर तय किया है। नि:संदेह समाज के युवाओ के लिए आप एक मिसाल है। आप ग्राम सिंदीपार त. लाखनी जि. भंडारा निवासी श्री परसराम येळे इनके पुत्र है।

प्रस्तुती: अनिल पटले सालेभाटा 2010
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             आदरणीय श्री सेखरामजी येळेकर आप हमारे मार्गदर्शक है, तथा आप बहौत अच्छे साहित्यिक भी है। आपने मुझे पवारी साहित्य सम्मेलन गुमाधावडा मे अपना कविता संग्रह "जिवनाच्या वाटेवर" प्रदान किया था। मै आपके सादगीपुर्ण जिवन से प्रेरित हूं। तथा आप मुझे समाजहित मे कार्य करन हेतू मुझे प्रेरित करते रहते है। यह मेरे लिए गर्व की बात है की आप हमारे ग्रुप से जुडे है एंव मै आपसे जुडा हूं एंव सदैव आप मुझे मार्गदर्शित करते रहते है।

                        - सोनू भगत
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स्व पि. डी. रहांगडाले

 !! स्व  पि. डी. रहांगडाले !!
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      श्री पी. डी. रहांगडाले का जन्म फुक्कीमेटा तह. गोरेगाव मे वर्ष १९१२ मे हूआ। उनकी पढाई ८वी तक गोंदिया मे हूयी। और १०वी तक भंडारा मे पढे। नागपुर से उन्होने बि. ए. प्लेन बॉयोलॉजी एंव एल. एल. बी. पुर्ण की। उसके बाद उन्होने गोंदिया न्यायालय मे वकालत चालू की एंव बाद मे वह राजनिती मे सक्रिय हूये।

          गोंदिया शहर के जन सामान्य के बिच उन्होने एक समर्पित लगनशिल तथा जुझारू नागरिक के रुप मे अपने आप को स्थापित किया। वकालत के व्यावसाय को अपनी एकाग्रता तथा कुशाग्रता के कारण एक नया गौरवशाली आयाम प्रदान किया है। उनका व्यक्तित्व असोसिएसन के लिए सदैव ज्योती बिंदू के रुप कार्यरत रहा है और उन्हे हिरक जयंती के अवसर पर सन १९८१ मे बार असोसिएसन द्वारा गौरवान्वित करते हूये सन्मानपत्र प्राप्त हूआ है।
         वे अपने विद्यर्थी जिवन मे समाजसेवा और राष्ट्रसेवा मे रत रहे। विद्यार्थी जिवन के बाद गोंदिया मे वह वकालत करने लगे तथा उनके पश्च्यात सिघ्र ही राजनिती मे उतर आये। एक प्रखर और लोकप्रिय नेता के रुप मे ख्याती प्राप्त की।
          वह उनेक वर्षो तक गोंदिया जनपद सभा के अध्यक्ष रहे है। पुराणे मध्य प्रांत मे तथा महाराष्ट्र मे अनेक बार विधानसभा मे चुनकर गये। महाराष्ट्र विधानसभा मे विरोधी दल के नेता के रुप मे उन्होने सांसदिय प्रणाली को काफी निखार दिया। उनके विचार बडे प्रभावी और गंभिर होते थे। वह ओजस्वी वक्ता, गंभिर विचारक कुशल प्रशासक, प्रखर विधायक और लोकप्रिय नेता के गुणो से ओत-प्रोत विनोद प्रिय व्यावहारिक व्यक्तित्व रखते थे। उनके प्रखर व्यक्तित्व और कुशल नेतृत्व के प्रती श्रधापुर्व मानपत्र भेट करते हूये अखिल भारतिय पंवार क्षत्रिय महासभा बालाघाट अधिवेशन से १० मई १९८१ मे मानपत्र प्राप्त हूआ था।
जन्म: १९/१२/१९१२
मृत्यु ३/१२/२००३
विधायक गोरेगाव क्षेत्र: १९५७
              गोरेगाव क्षेत्र: १९६२
              गोरेगाव क्षेत्र: १९६७
जनपद: गोंदिया - भंडारा १९५४ - १९६२
विरोधी पक्ष नेता: १९५७ - १९६२

संदर्भ: अखिल भारतिय राजा भोज सेना एंव राजा भोज कला अकादमी गोंदिया द्वारा प्रकाशित "पवार सेना गौरव पुस्तिका"

                        - सोनू भगत
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इंजी. श्री महेन पटले



               !! इंजी. श्री महेन पटले !!
                   

       विभिन्न क्षेत्रो में रूचि रखकर  समयदान  देकर, अपनी कोशिश के द्वारा,  वैचारिक योगदान के जरिये, अच्छे बदलावों के लिए निरंतर प्रयासरत किस प्रकार रहा जा सकता है उसका एक उदाहरण इंजिनियर श्री महेन पटले  है। पोवार समाज के इतिहास को लोगो तक पहुचाने में उनका बड़ा योगदान रहा है। वे पोवार वंश  के इतिहास पर गहन  अध्ययन कर समाज के प्रति अपना कर्तव्य भलीभांति पूर्ण करने की कोशिश कर रहे है।

       वर्तमान में श्री महेन पटले नागपुर के निवासी है तथा वे गोंदिया जिले के तिरोडा नामक शहर से है। वे उपविभागीय अधिकारी स्व. श्री आर. डी. पटले इनके सुपुत्र है। उनका जन्म सन १९७२ में हुआ। उनका शिक्षण तिरोडा, गोंदिया व् नागपुर में हुआ। वे  शालेय जीवन में साहित्यिक व तीन बार राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त प्राचार्य श्री गो मो कोलते इनके विद्यार्थी रह चुके है। उन्होंने सिविल अभियांत्रिकी स्नातकीय अभ्यासक्रम के लिए  एम. आय. ई. टी. व् हाइड्रोलिक्स इंजीनियरिंग विषय के लिए  व्ही एन आय टी नागपुर में अध्ययन किया है। वे पुर्णतः शाकाहारी व् आध्यात्मिक विचारो से प्रेरित व्यक्ति है। व्यसन रहित सीधीसाधी जीवन शैली का अंगीकार किया है। वे नियमित ध्यान व् यज्ञ आदि को जीवन का हिस्सा मानते है।
        अध्ययन पूर्ण होने के बाद शुरुवात में श्री अन्ना हजारे से प्रेरित शासकीय वाटरशेड डेवलपमेंट जैसे प्रोजेक्टस में उन्होंने कार्य किया। उसके बाद वे कामठी में पॉलिटेक्निक में प्राध्यापक के पद पर नियुक्त हुए। उनके अपने कार्य शैली के कारण प्राध्यापक बनने  के अगले ही दो महीने के भीतर हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट के पद पर पहुचे और अगले दो महीने में वे प्रिंसिपल बने। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में फैले  भ्रष्ट आचरण को समाप्त करने के अथक प्रयास किये। उसी प्रकार शिक्षा के साथ साथ  विद्यार्थियों के वैचारिक उत्थान के लिए भी काफी प्रयत्न किये, उत्तर भारतीय,  बिहार जैसे   विभिन्न प्रदेशो से आये विद्यार्थियों को सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया। इस कार्य के लिए उन्होंने कॉलेज के  स्नेह सम्मेलनों में व्यक्ति निर्माण सम्बन्धित प्रवचन व् गायत्री यज्ञ करवाया। ब्रम्ह कुमारी चेतना सेंटर से प्रवचनों का आयोजन भी करवाया ताकि विद्यार्थीका नैतिक उत्थान हो और वे अच्छे नागरिक साबित हो। करीब चार वर्ष शिक्षा क्षेत्र में अपना योगदान देने के बाद वे अभियांत्रिकी निर्माण क्षेत्र के  प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के क्षेत्र से जुड़ गये। वे कंसल्टिंग अभियंता के रूप में अनेको मेगा प्रोजेक्टस में अपना योगदान दे चुके है। पिछले २० वर्षो से प्रोजेक्ट मैनेजमेंट व् कंसल्टिंग के कार्य में व्यस्त है, वे भवन निर्माण से सम्बन्धित  डिजाईन, लैंडस्केपिंग डिजाईन,  प्रोजेक्ट मैनेजमेंट आदि में कार्य करते है। वे पर्यावरण संरक्षा के मद्देनजर ग्रीन बिल्डिंग निर्माण सम्बन्धित कार्य में भी अपना योगदान देते है।  

प्रतिदिन २ घंटे समाज कार्य के अंतर्गत वे अपना समय विभिन्न क्षेत्रो में देते है। अपने अभियांत्रिकी क्षेत्र के अलावा वे राष्ट्रिय विषयों पर गहन चिंतन करते है व् उसमे भी अपना समय देते है। वैचारिक नेतृत्व के तहत  वे करीब २५ विभिन्न राष्ट्रिय नागरिक मंचो से जुड़े है और शीर्ष स्थान पर पहुचे है। यह मंच विभिन्न मन्त्रालयो से जुड़े है। इन मंचो में पूर्ण भारत से करीब १८ लाख लोग अविरत राष्ट्रिय मुद्दों पर चर्चा कर अपने सुझाव व् मुद्दे  मन्त्रालयो को व्हाइट पेपर्स के रूप में प्रस्तुत करते है जहा उनके आधार पर योजनाये, नये बदलाव अस्तित्व में आते  है जो एक लोकतान्त्रिक प्रणाली का हिस्सा है। उन्होंने कई राष्ट्रिय मुद्दों को इन मंचो पर अच्छे तरीके से रखा है।  समान नागरिक संहिता, मेक रेलवे बेटर, स्वच्छ भारत मिशन, इनोवेशन तथा स्किल इण्डिया, पर्यावरण, राजनीतिक उत्कृष्टता, गुड गवर्नेंस  से सम्बन्धित  मुद्दों पर उन्होंने काफी योगदान दिया है। उनके अनुसार समाज सेवा बिना लोगो के बीच गये भी की जा सकती है।  अच्छे बदलावों को व्यवस्थित ढंग से सही मार्ग से जन सामान्यो तक निस्वार्थ रूप से पहूचाना भी समाज सेवा है।
              इसीके साथ वे इतिहास विषय पर अपनी अच्छी पकड़ रखते है।  प्राचीन भारतीय संस्कृति व् इतिहास के बारे उन्होंने काफी अध्ययन किया है। बचपन से उनको इस विषय में रूचि रही।   उन्हें  ग्रंथो को पढ़ने  का शौक रहा है, उन्होंने विशेषतः पोवार समाज के इतिहास को उजागर करने के लिए काफी बड़ा डेटा बेस तैयार किया है। मूल शिलालेखो , गज़ेटियरस, ख्यातो,  लेखो, दस्तावेजो अध्ययन किया है और संसार के अन्य देशो से भी पँवार इतिहास के बारे में काफी जानकारिया उन्होंने प्राप्त की है जो अमूल्य है, इस विषय में लोगो तक इतिहास  पुर्णतः पहुचे इसलिए वे सोशल मिडिया के द्वारा प्रयत्न करते रहते है। उनके द्वारा संजोये हुए बहुमूल्य जानकारियों को एक फ्री पुस्तक के रूप में प्रदर्शित करने की कामना रखते है।
           वे इसीके साथ अध्यात्म व् ब्रम्हाडीय भौतिकी में भी रूचि रखते है और  अपने विचार दुनिया भर में पहुचाते है। वे  अध्यात्म  व् जीवन मूल्यों पर   आधारित अपने विचार वे अपने ८१०० मित्रो के द्वारा करीब ३२ देशो में पहुचाते है।
          वे विकिपीडिया पर एडिटिंग का कार्य करके  निस्वार्थ ज्ञान के प्रसार में  अपना योगदान देते है। वे गूगल मैप्स पर भी कार्य करते रहते है। वे  डिजिटल जगत के कई साफ्टवेअर में कार्य करने का ज्ञान प्राप्त किया है। वे ग्राफिक्स,  3D मॉडलिंग में पारंगत है और आभासीय जगत के विडिओज बनाने की क्षमता रखते है। उसी प्रकार वे डिजिटल मूर्तिकला , चित्रण में भी पारंगत है। उन्हें  बचपन से   चित्रकला, मूर्तिकला, गायन, सुलेखन  आदि में रूचि रही है, वे प्राचीन भारतीय सांस्कृतिक सम्पदा, विचार आदि के अभ्यासक है। उन्हें  बचपन से ही मार्शल आर्ट के प्रति लगाव रहा  है। वे विभिन्न ग्रुपों में एडमिन, मॉडरेटर आदि की भूमिका निभाते है,  साथ ही कुछ पेज भी चलाते है।
        उन्होंने सामाजिक भवन  व् मन्दिरों के निर्माण में विनामुल्य निर्माण व् डिजाईन में तकनीकी समन्वय साधकर सहयोग दिया है। ऐसे कार्यो में योगदान व् उत्कृष्टता के लिए वे सामाजिक संघठन, महानगर पालिका आदि के द्वारा सन्मानित भी किये गये है।  
          वे अपनी व्यस्तता के कारण भले ही जमीनीस्तर पर लोगो के बीच जाकर कार्य नही कर पाते पर अप्रत्यक्ष रुप से बड़े सुधारो व् बदलावो को कार्यान्वित करने हेतु  यंत्रणाओ  के साथ मिलकर कार्य करने की कोशिश करते है।

            इतिहास से बोध लेकर सम्मिलित तौर पर उज्जवल भविष्य की ओर बढने हेतु समाज के लोगो को उनके अपने पूर्व अस्तित्व की जानकारी जरूरी है ऐसा उन्हें लगता है और उसी दिशा में उन्होंने पिछले छह सालो में कड़ी मेहनत से विश्वसनीय जानकारिया हासिल की है जो महत्वपूर्ण है।
        वे कहते है की हमारे छोटे छोटे योगदानों से ही बड़ा बदलाव आएगा। हम जहाँ भी है वहा अपना अच्छा कार्य करते रहे तो जरूर एक दिन विकसित व सुसंस्कृत राष्ट्र का निर्माण कर लेंगे  और उसी दिशा में बढ़ने के लिए वे अपनी ओर से प्रतिबध्द है।
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                        - सोनू भगत
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वैज्ञानिक संतोष भगत

 !! वैज्ञानिक संतोष भगत !!
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      आप स्व. श्री पुरणलाल भगत ग्राम परसवाडा त. तिरोडा जिला गोंदिया के पांचवे पुत्र है। आपका जन्म १९ नवंबर १९६५ को ग्राम परसवाडा मे हूआ। आपकी प्राथमिक शिक्षा ग्राम परसवाडा मे तथा माध्यमिक शिक्षा म्युनसिपल हायस्कुल भंडारा मे संपन्न हूयी। आपने बि. ई. (मॅकेनिकल) १९८७ मे नागपुर से पुर्ण कीये तथा वर्ष १९९० मे स्नातकोत्तर उपाधी मास्टर ऑफ इंडस्ट्रियल रिलेशन एंड पर्सनल मॅनेजमेंट नागपुर विश्वविद्यालय से प्राप्त किये। आपने वर्ष १९८८ से १९९१ तक सोनी स्टिल ऐजेंसी नागपुर मे कार्यरत रहते हूये खापरखेडा औष्णिक विद्युत केंद्र के निर्माण कार्य मे योगदान दिया है। वर्ष १९९१ से वर्ष १९९३ तक आपने दांडेकर मशिन वर्क मे प्रोडक्शन एंवम् मॅनेजमेंट इंजिनियर के रुप मे मे कार्य किया। वर्ष १९९३ से १९९५ तक आप टायको बायो मेडिका मे कार्यरत रहे। वर्ष १९९५ मे आप असोसियेटेड कॅप्सुल ग्रुप मे मॅनेजर के पद पर कार्यरत है। यहां कार्यरत रहते हूये "ह्युमन कॅप्सुल हँड फिलर" मे आपने पेटेंट प्राप्त किये है। आपने कंपनी मे उच्च तकनिक से मॅन्युफॅक्च्युरिंग की विधी विकसित की है। आप कंपनी के कार्य हेतू US, जर्मनी, फ्रांस, हॉलंड, बैल्जियम, ऑष्ट्रिया, बहरिन आदी देशो मे अक्सर जाते आते रहते है।
           आपके बडे भाई कुंवरसिंह भगत महाराष्ट्र राज्य बिजली वितरन कंपनी मे कार्यकारी अभीयंता पद पर कार्यरत थे, अब वह सेवानिवृत्त हो चुके है। दुसरे बडे भाई  जितेंद्र भगत PWD विभाग मे उपविभागीय अभियंता थे। एंवम् जैनेंद्र भगत महाराष्ट्र राज्य बिजली वितरण कंपनी ने सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत थे अब वे भी सेवानिवृत्त हो चुके है। श्री संतोष भगतजी आप हमारे समाज के युवाओ के लिए प्रेरणा है। हार्दिक अभिनंदन एंवम् उत्तरोत्तर प्रगती की समाज की ओर से शुभकामनाएँ...!!

प्रस्तुती - मधू हरिनखेडे सालेकसा
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                       - सोनू भगत
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Dr.C.K.PARDHI & Dr.RAGINI PARDHI

Dr.C.K.PARDHI & Dr.RAGINI PARDHI


      Hon. Advocate T.N. Pardhi ,Balaghat and Hon. Prof. Balaramji Sharnagat ,Nagpur are the proud father of duo-medico-entrepreneur Dr. C.K. Pardhi & Dr. Ragini Pardhi.All powar samaj members  also feel proud for their noble contribution in the field of medical sciences and nursing of the patients.

           Dr.Ragini was a merit student in Xth, XIIth standard, completed M.B.B.S. and D.G.O. in 1994. Her  dream was to open her own hospital.So her husband Dr. C.K.Pardhi, M.B.B.S. & M.S. . He left his 9 year government service at Ravishankar University Raipur to start the Mitali Nursing Home, Balaghat. Intellect potential and the sown seeds of success beared fruits in the year 2003, when Mitali Nursing Home got 35 beds and a huge new premises with ultramodern facilities for the patients. The team of doctors and staff at Mitali Nursing Home is well known for their best  hospitality and expertise in surgery. After the success in medical profession ,they started, 'Swastha Nari Swastha Pariwar' Free Medical Checkup Camps in Nagpur." Powar Samaj feel proud  for their support for this noble cause of human welfare. Best wishes for their bright future.

प्रस्तुती- दिनदयाल गौतम, तुमसर

                        - सोनू भगत
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प्रा. ओ.सी. पटले




!! प्रा. ओ.सी. पटले !!
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               आपको नागपुर विद्यापीठ से इतिहास तथा राजनीतिशास्त्र में एम. ए. तथा शिक्षा शास्त्र में एम. एड. की उपाधि प्राप्त है । आपको नागपुर विद्यापीठ से अक्टूबर १९८९ में राजनीतिशास्त्र में एम. ए. की उपाधि सर्वाधिक गुणों के साथ संपादित करने का सम्मान प्राप्त है। आपका पूर्ण नाम ओंकारनाथ चैतराम पटले है। उनका जन्म १० फरवरी १९४६ को गोरेगांव तहसील जिला गोंदिया के ग्राम मोहाड़ी में हुआ। एक ख्यातनाम कृषक, मालगुजार परिवार में परवरिश के साथ ही साथ माँ हिरकन के संस्कार और प्रेरणा के कारण आपमें शिक्षा के प्रति रुचि जागृत हुयी। उसी प्रकार आपके नाना रामलाल टेंभरे के संस्कारों के कारण आप में रामायण के प्रति रूची विकसित हुयी। कालचक्र ने पिता की छत्रछाया बचपन में ही छीन ली थी।

          भवभूति शिक्षण संस्था (आमगांव) में शिक्षक, प्राध्यापक, प्राचार्य पद पर कार्य करते हुये भवभूति यह आपके अध्ययन का एक महत्वपूर्ण विषय बन गया। आपके शैक्षणिक और ऐतिहासिक विषयों पर संशोधनात्मक लेख, विभिन्न विषयों पर गीत और कविताएँ नागपुर, पुणे, इलाहाबाद, आगरा और लखनऊ के पत्र - पत्रिकाओं में प्रकाशित होते आये है। शिक्षण महिर्षि लक्ष्मणराव मानकर गुरुजी के जीवन - चरित्र पर रचित उनके प्रतिबिंब नामक पुस्तक का प्रकाशन महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री गोपीनाथ मुंडे के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ था,  जो बहुत लोकप्रिय है। महाकवि भवभूति पर रचित आपके यह गीत संस्कारक्षम होने के कारण शिक्षा जगत एवं विभिन्न स्तर के छात्र - छात्राओं के लिये निश्चित रूप से लाभदायक साबित हूये है। आपके यह मनभावन गीत प्रबुध्द वर्ग एवं शिक्षा जगत में भवभूति ने लोकमंगल के सर्वोच्च बिंदु पर पहुंचाने में यादगार साबित हूये है। भवभूति ने लोकमंगल के लिए चैतन्यम सहित्य का सृजन किया। नयी पिढ़ी के भावों को परिष्कृत कर उनके साहित्यिक उत्थान को नयी दिशा देने के लिए भवभूति को जन - जन तक पहँचाना हम सभी का पावन कर्तव्य है।

           आपकी आयु अब ७४ वर्ष हो चुकी है, लेकिन आपके साहित्य लगाव मे किंचित भी अंतर नही आया है। आपने वर्ष २०१९ मे "राजाभोज महाकाव्य" की रचना की। तथा आप प्रतिदिन सोसियल मिडिया द्वारा सामाजिक सुंदर जानकरिया हमे देते रहते है। आप हमारे समाज के वरिष्ठ साहित्यिक है, हम आपके दिर्घायु एंव उत्तम स्वास्थ्य की कामना करते है।

                        - सोनू भगत
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कृष्ण अना गोपी

मी बी राधा बन जाऊ बंसी बजय्या, रास रचय्या गोकुलको कन्हैया लाडको नटखट नंदलाल देखो माखनचोर नाव से यको!!१!! मधुर तोरो बंसीकी तान भू...