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Saturday, August 22, 2020

भगवान गणेश जी की पोवारी में आरती

 🙏 *गणपतीकी पोवारीमा आरती*🙏


आरती गणपती, करू तोरी पुजापाती

नमुसु मी देवा तोला, देवा पाव भक्तसाती

आरती गणपती।। धृ।। 


अजी तोरो कैलासपती, माय तोरी पारबती

कैलास तोरो धाम, देवा देजो सुखशांती

आरती गणपती।। १।। 


विघ्नहर्ता तुच देव, अरपुसु भक्ती भाव

विघ्न दूर कर देवा, बाप्पा बन मोरो साथी

आरती गणपती।। २।। 


देवा तुच लंबोदर, सेस सुखको सागर

करू तोरी आराधना, देवा करु तोरी भक्ती

आरती गणपती।। ३।। 


एकदंत दयावंत, तुच संसासको संत

रस्ता असो देखाव मोला, देवा बढे मोरी किर्ती

आरती गणपती।। ४।। 


रक्षा कर देवा मोरी, पूजाअर्चा करु तोरी

आनु देवा तोर् साती, दुर्वा फुल बेलपाती

आरती गणपती।। ५।। 


सुखकर्ता दुखहर्ता, अशी देवा तोरी ख्याती

कृपादृष्टी ठेव देवा, धाव धाव भक्त साती

आरती गणपती।। ६।। 

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✍ डॉ. शेखराम परसराम येळेकर नागपूर२२/८/२०२०

पोवारी इतिहास, साहित्य ना उत्कर्ष

Friday, August 21, 2020

शिवजी की पोवारी आरती


🙏 *शिवजी की पोवारी आरती*🙏

आरती शिवभोला, बिनती करुसु मी तोला

आशिष दे रे देवा, आब् पाव देवा मोला।। धृ।। 


कैलास तोरो धाम, डमरु बजे डमडम

दयावान तुच देवा, बेल फुल देसु तोला

आरती शिवभोला।। १।। 


विभूती से तोला प्यारी, तू सेस जटाधारी

गरामा शोभ् देवा, शोभ् सरपकी माला

आरती शिवभोला।। २।। 


जेन् करीस तोरो ध्यान, वोला देयेस वरदान

कृपादृष्टी तोरी मोठी, धन्य भया तोरा चेला

आरती शिवभोला।। ३।। 


करु तोरो गुणगान, भक्ती मा से मोरो मन

दुख मोरो हरणसाती, देखाव तोरी लिला

आरती शिवभोला।। ४।। 


संग तोर् पारबती, संग टुरा गणपती

महिमा से न्यारी देवा, वंदन करुसु मी तोला

आरती शिवभोला  ।।५।। 


तांडव नृत्य देवा, तोरो रव महाभारी

खोल तोरा डोरा आब्, जराय टाक विपत्तीला

आरती शिवभोला।। ६।। 


भक्ती तोरी करु देवा, हर हर महादेवा

भक्त की लाज राख, हाका मारु देवा तोला

आरती शिवभोला।। ७।। 

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*डॉ. शेखराम परसराम येळेकर नागपूर* २१/८/२०२०

  *पोवारी इतिहास साहित्य अना उत्कर्ष*

 

Saturday, August 15, 2020

भगवान कृष्णकी पोवारी आरती

 भगवान कृष्णकी आरती

आरती कानोबा की, देवकीक् बेटा की
विष्णुजी को अवतार, खुशी बढी गोकुलकी,
आरती कानोबाकी।। धृ।।

देवा तोरो बचपन, खुश भयोव वृंदावन
अगाध तोरी लिला, तोला साथ गोपिकाकी
आरती कानोबाकी।। १।।

बासुरीको तुच धनी, राधा बासुरी दिवानी
सबको तोला हित, तोला चिंता भक्त की,
आरती कानोबाकी।। २।।

अघासुर नरकासुर, असा मारेस असुर
पुतनाला मारेस देवा, हत्या करेस कंसकी
आरती कानोबाकी।। ३।।

धर्म साती लढेस देवा, द्रौपदीन करीस धावा
धावकन गयेस देवा, लाज राखेस द्रोपदी की
आरती कानोबाकी।। ४।।

नही मानेव दुर्योधन, वको भयोव पतन
अर्जुन को तुच साथी, जीत भयी पांडवकी
आरती कानोबाकी।। ५।।

भक्त कसे देवा तोला, कसे जय नंदलाला
धावत आव देवा, लाज राख भक्त की
आरती कानोबाकी।। ६।।

बोलो कृष्ण भगवान की जय
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✍ डॉ. शेखराम परसराम येळेकर नागपूर दि १२/८/२०२०

कृष्ण अना गोपी

मी बी राधा बन जाऊ बंसी बजय्या, रास रचय्या गोकुलको कन्हैया लाडको नटखट नंदलाल देखो माखनचोर नाव से यको!!१!! मधुर तोरो बंसीकी तान भू...