Tuesday, October 6, 2020

परी रानी chhaya pardhi 06


    परीरानी
                             
गोरी गोरी पान चांदणी सरीखी छान
सुंदर सुंदर पंख जसो पिपर का पान

      सुंदर सलोनी होती परी गोरी गोरी
      हातमा परीको एक जादू की छडी
      जादुलक हिरवो हिरवो करसे रान
      सुंदर सुंदर पंख जसा पिपर का पान

एक दिवस मोरो संग वा खेलनला आईं
मोला कसे देखाव तोरो गणित की वही
मोरो  दूही  डोराला लगी आसुकी धार
सुंदर सुंदर पंख जसा पिपर का पान

    रोवु नोकों कसे मोला परीलोक जाबिन
    परीको शाळा मा अंकगणित शिकबिन
    परीलोककी शाळा मस्त जादू की खान
    सुंदर सुंदर पंख जसा पिपर का पान

जादू को शाळा मा अाई भलतिच मजा
परी बाई देत नोहति कोनीलाच सजा
वजाबाकी बेरीज दुही उड़त होता छान
सुंदर सुंदर पंख जसा पिपर का पान

       गुणाकार भागाकार की भई दुय दूय बात
       भागाकरको लगेव मंग मोला भी एक लात
       भदकन आपटेव मी डोस्का को भार
       सुंदर सुंदर पंख जसा पिपर का पान

उघडेव डोरा त् होतो मी खाटकों खाल्या
अाई मोरी बोंबलत आयी का भयेव रे बाल्या
परी सारखी अाई दिसी जादू ओको काम
सुंदर सुंदर पंख जसा पिपर का पान
  सौ छाया सुरेंद्र पारधी

परी रानी chiranjiv bisen 06

       परीरानी
             
माय की प्यारी, बाप की दुलारी, 
भाई की परी, आमर् घर की टुरी. 

घर भर फिरसे, गोड गोड बोलसे, 
बाहुली संग खेलसे, मंघ मंघ धावसे. 

मोबाईल धरसे, हासी मुसीको बोलसे, 
दादा दादीला, रोज फोन लगावसे. 
चॉकलेट खानकी, जिद करसे, 
नही देईस त्, जोर जोरल् रोवसे. 

घरका सारा काम, करन लगसे, 
मायला काम मा, मदत करसे. 

लहानसी बात पर, भाई संग झगडसे, 
घडी भर मा, वोक् संगच खेलसे. 

वा नही रही त् , घर सुनो सुनो लगसे, 
कोणतोबी काम मा, मन नही लगसे. 

मून हर घर मा, एक टुरी पाह्यजे, 
बेटा से जरूरी, पर एक टुरी बी पाह्यजे. 

                     चिरंजीव बिसेन 
                            गोंदिया

परी रानी varsha patle rahangdale 06


        परीराणी
परीराणी काल मोरो सपना मा आई
पंखपरा बसके मी आकाश मा  गई

पंख होता परीका नाजूक अना सुंदर
टुनकन ऊडी मारके मी बसी उनको अंदर।।

आकाश की सैर करके मन भयेव प्रशन्न
पीपरमेंट की गोली देखके जीव भयेव सुन्न।।

सुंदर असो बगीचा मा परीन उतराईस
मीठा मीठा फल ताजा फल खानला देईस।।

रंगरंगका फुल होता,सुंदर असो झाडपर
डोरा फाळके देखत रही फुलकरा घडीभर।।

ताजी हवा,ताजो पाणी नोहोतो वहा प्रदूषण
एकदम मोहक ,ताजोतवानो तेजमय  गुरूदर्शन।।

मनभरेव तरी चीत काही दावत नोहोतो
सौंदर्य परिलोक को बडो मनभावन होतो।।

खुब खेलेव परिसंगमा,लंगडी अना टीकटीक रंग
शांतीप्रिय, आल्हाददायक ,सुहानो होतो ढंग।।

पाणी पळेव चेहरापर मोरो तसी जाग आई
इश्कुल की टाईम भयी,उठ आता बोंबलत होती आई।।

उठके देखेव घडीमा त बज्या होता अकरा
समज गयी मी तब फक्त सपना होता मोरा।।

सौ.वर्षा पटले रहांगडाले
बिरसी (आमगांव)
जि.गोंदिया
दिं.२४/०९/२०२०

परीयों की रानी Dr.shekhram yedekar 06



         परीयोंकी रानी
मोरी परीयोंकी रानी, दुय पंख दुय वेणी
वला धरनला जासु, वा मीचकाव् पापणी

मोरी परीयोंकी रानी, हिंड भंडारा सिवनी, 
बालाघाट भयेेपरा, कसे पोवारी से गुणी

मोरी परीयोंकी रानी, सांग कविता कहानी
कसे पोवारी का गाना, आसु आवसे लोचनी

मोरी परीयोंकी रानी, कसे पोवारी से जुनी
यन् पोवारीका बोल, सेत शहदक् वानी

मोरी परीयोंकी रानी, सांगी टुरुंला कहानी
मोरी पोवारी बोली से, वंश पोवार निशाणी

मोरी परीयोंकी रानी, हिंड गाव रानी वनी
रानी चोवता सुधरे, पोवार की जिंदगानी
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डॉ. शेखराम परसराम येळेकर नागपूर
दिं.२८/०९/२०२०

परी रानी sharda Chaudhary 06

           परी रानी

सपन मा आई मोरो परी रानी सुंदर
कईस सैर कराय देसू तोरी मी परीनगर

गोरीपान छईल-छबिली कली सी सुंदर
हवा संग करसें बात वोको चांदनगर घर
बसायके लिजाईस मोला नाजूक पंखपर

लुकलूक चमकत निलगगन मा चांदनी तारा
एक पासून मोजेव सब बोट देखायके भरभरा
परी नं करीस कमाल जादूकी छडी फिरायकर

लाल-नीलम-सोनपरी वोकी सखी होती
छम-छमा-छम नाचंती ना गाना गावंती
खेली संगमा फुलको सिंगार ना चांदकी बिंदी लगायकर

परी नं लिजाईस जेवणाला फलबगीचा को अंदर
अननस-आंबा-संत्रा पासून सिकाईस मुळाक्षर
झरना,-प्राणी-झाड देखके पडी परिसरअभ्यासमा भर
परी रानी न सांगीस मोला राक्षस की कहानी
रक्षण करजो आमरो बनजो राजा भोज वानी
कला-गुण संस्कृती ला ठेवजो जपकर

परी रांनी कवन बसी नोको होऊ तू उदास
मोठो होयकर जग ला देजो प्रेमको संदेश खास
माय को आवाजलक सपन मा लक आयेव सुधपर


                                          शारदा चौधरी
                                              भंडारा

मोरी परी hargovind tembhare 06



मोरीपरी

फूल जसी सुंदर से मोरी परी,
सबकी राज दुलारी से मोरी परी ll

हर घर की जान से मोरी परी,
घर घर की शान से मोरी परी ll

फूल बगीचा को से मोरी परी,
फुलवारी जसी प्यारी मोरी परी ll

घोड़ो बनायकन मोला सवारी करसे मोरी परी,
भोली बड़ी लगसे जब माती मा खेले मोरी परी ll

आज स्यानी भय गयी मोरी परी,
टुरा दून काही कम नहाय मोरी परी ll

प्रा.डॉ.हरगोविंद चिखलु टेंभरे
मु.पो.दासगाँव ता.जि.गोंदिया
मो.९६७३१७८४२४

परी मोरो आंगन की Dr pralhad harinkhede 06



परी मोरो आंगणकी

(चाल: हिरव्या पिवळ्या रांगोळ्या भरल्या गुलाली)

टुणटूण उळात आयी एक परी
चमकदार कपळा ला चांदी की जरी
आयी हासत-२ परी मोरो आंगनमा
मोरो आनंद मावं नही मनमा ॥धृ॥

शानीमाय मोला सांगं कहानी
निखन वान्हाव्ं वा परी राणी
हुबेहूब परी आयी मोरो सपन मा-२
आयी हासत-२ परी मोरो आंगनमा
मोरो आनंद मावं नही मनमा ॥१॥

वोको हातमा जादू की छडी
वोको मुकुटला सोनो की धडी 
तारा बिखराव्ंसे वातावरणमा-२
आयी हासत-२ परी मोरो आंगनमा
मोरो आनंद मावं नही मनमा ॥२॥

वोका गुलाबी नाजुक गाल 
अना चमचमता रेशमी बाल
सुंदर सी खडी पडं से गालन मा-२
आयी हासत-२ परी मोरो आंगनमा
मोरो आनंद मावं नही मनमा ॥३॥

शहद फलरस अना मकरंद
वोला आवडं से फूलको सुगंध
हिरा मोतियन की माला गर्दनमा-२
आयी हासत-२ परी मोरो आंगनमा
मोरो आनंद मावं नही मनमा ॥४॥

परी राणी की छरहरी काया
गोल आकासी पंख लगाया
टुणटूण फिपली चलिसे गगनमा-२
आयी हासत-२ परी मोरो आंगनमा
मोरो आनंद मावं नही मनमा ॥५॥

वोको पेहराव निलो नारंगी
मोती जड्या सेत रंगीबेरंगी 
संगीतमय मुस्कान वोको आननमा-२
आयी हासत-२ परी मोरो आंगनमा
मोरो आनंद मावं नही मनमा ॥६॥

चांद तारापर वोको परिवार
फूल बाग मा वोको विहार
सुखको नाहाय कोनी वान जीवनमा-२
आयी हासत-२ परी मोरो आंगनमा
मोरो आनंद मावं नही मनमा ॥७॥

वोको आवनो लक फैलं रोशनी 
मनला मोहने वाली मोहिनी
खिनमा यहां अना वहां से खिनमा-२
आयी हासत-२ परी मोरो आंगनमा
मोरो आनंद मावं नही मनमा ॥८॥

मोला लगंसे चारो प्रहरी
संगं रवती या सुंदर परी
परी बनाव प्रभू अगलो जनममा-२
आयी हासत-२ परी मोरो आंगनमा
मोरो आनंद मावं नही मनमा ॥९॥

प्रा. डॉ. प्रल्हाद रघुनाथ हरिणखेडे (प्रहरी)
उलवे, नवी मुंबई
मो. 9869993907

कृष्ण अना गोपी

मी बी राधा बन जाऊ बंसी बजय्या, रास रचय्या गोकुलको कन्हैया लाडको नटखट नंदलाल देखो माखनचोर नाव से यको!!१!! मधुर तोरो बंसीकी तान भू...